महेवाघाट। भारत-पाक युद्ध में शहीद सैनिक दुरजय सिंह के गांव कटरी को परिवहन विभाग भूल गया है। शहीद सैनिक की स्मृति में बनाई गई सड़क पर चलने वाली तीन रोडवेज बसें एक-एक करके बंद की जा चुकी हैं। ऐसे में तराई क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गांव के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
सरसवां ब्लाॅक क्षेत्र के कटरी गांव में जन्मे दुरजय सिंह 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। शहीद सैनिक की स्मृति में पश्चिमशरीरा से कटरी गांव तक दस किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण कराया गया था। साथ ही इस मार्ग पर एक रोडवेज बस का संचालन शुरू किया गया। बस रात में वापस आकर कटरी गांव में ही रुकती थी।
सन 1996 में सदर विधानसभा से निर्वाचित हुए तत्कालीन परिवहन मंत्री आरके चौधरी ने इस मार्ग पर तीन रोडवेज बसों का संचालन शुरू करवाया था। करीब दो साल तक तीनों बसें कटरी गांव से लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज के लिए संचालित की गईं। लेकिन, सन 1998 के बाद एक-एक करके तीनों बसों का संचालन बंद कर दिया गया।
इसका खामियाजा कटरी के साथ ही गनेशपुर, बेलहा का पूरा, लोहारी, डेढ़ावल, बड़हरी, भगवतपुर, छब्बू का पुरवा, चांदेराई, बाकरगंज, सम्मन टिकरा और घासीपुर आदि गांवों के हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए दूर-दूर तक कोई सरकारी सुविधा नहीं है। जनप्रतिनिधियों ने भी कभी कोई प्रयास नहीं किया।
पक्की सड़क बनने और बस चलने से इलाके के लोगों को आवागमन में बहुत सहूलियत मिली थी। 27 साल से बस बंद होने के बाद अब आवागमन के लिए कोई सरकारी सुविधा नहीं है। इससे काफी परेशानी हो रही है।संतोष सिंह, कटरी
तीन बसें संचालित होने से इलाके के व्यापारियों, किसानों और छात्रों को आवागमन करने में काफी सहूलियत मिल रही थी। इलाकाई विधायक और तत्कालीन परिवहन मंत्री आरके चौधरी के पद से हटते ही बसों का संचालन बंद होने से आवागमन के लिए परेशानी हो रही है। -अशोक मिश्रा, कटरी
मंझनपुर डिपो के एआरएम से मामले की रिपोर्ट लेकर जनहित को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। शासन की मंशा के अनुसार जनता को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।रवींद्र सिंह, आरएम, प्रयागराज मंडल