रिंकी की गोद में पिंजरे के अंदर बंद तोता। स्रोत- यात्रि
मंझनपुर। तोता उड़ गया... यह कहावत तो आपने सुनी होगी। बुधवार को म्योहर से कानपुर जा रही एक महिला ने जैसे ही रोडवेज से तोता ले जाने के लिए किराया सुना तो उसके तोते उड़ गए। हालांकि महिला ने तोते को अपनी गोद में बैठा रखा था। इसी तरह उसने यात्रा भी पूरी की। लेकिन, इसके लिए उसको रोडवेज को लगेज का रूप में 126 रुपये किराया देना पड़ा। जिसका महिला व उसके पति ने विरोध किया।
कानपुर के रामादेवी के पास रहने वाली रिंकी देवी कुछ दिनों पहले अपने मायके म्योहर आईं थी। बुधवार को वह पति राहुल के साथ कानपुर वापस जा रही थी। गांव में उनको एक तोता पसंद आ गया। उन्होंने 50 रुपये में उसे खरीद लिया। इसे वह कानपुर ले जाना चाहती थी। बुधवार को सुबह करीब आठ बजे वह पति के साथ रोडवेज का इंतजार कर रही थी। इसी इसी बीच प्रयागराज से कानपुर किदवाई नगर डिपो की बस आती दिखी।
वह पति के साथ बस पर सवार हो गई। परिचालक अनवर सईद ने पहले तो दंपति का किराया 556 रुपये लेकर टिकट दे दिया। इसके बाद तोते के लिए 126 रुपये मांगे। उसकी बात सुनकर रिंकी हैरान हो गई। बताया कि तोता तो वह गोद में लेकर बैठी है। इस पर परिचालक ने कहा कि रोडवेज के नियम के अनुसार तोता को लगेज माना जाएगा। इसके लिए उनको किराया देना पड़ेगा।
रिंकी ने किराया सुनी तो पहले आना कानी की, लेकिन बाद में उन्होंने मजबूर होकर टिकट ले लिया। पूरे रास्ते वह रिंकी की गोद में ही बैठकर गया। परिचालक ने बताया कि रोडवेज का नियम है कि किसी भी पशु- पक्षी को लेकर जाने में लगेज के रूप में 50 पैसे प्रति किमी का किराया देना होगा।
रिंकी की गोद में पिंजरे के अंदर बंद तोता। स्रोत- यात्रि