करारी कोतवाली के म्यौहर गांव के रमाशंकर त्रिपाठी वन विभाग में दारोगा थे। तीन साल पूर्व वह सेवानिवृत हुए थे। उनके दो बेटे सुजीत त्रिपाठी व सौरभ त्रिपाठी दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं। घर पर दोनों बहू व पत्नी रेखा के साथ वह रहते थे।
वन विभाग से सेवानिवृत दरोगा की चार धाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड के यमुनोत्री धाम में तबियत खराब होने के बाद मौत हो गई। वह अपनी पत्नी व परिवार के दंपती के साथ 26 मई को टूरिस्ट बस से यात्रा पर निकले थे। दरोगा की मौत की सूचना पर दिल्ली में रह रहे उनके बेटे शव लेने के लिए रवाना हो गए हैं।
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करारी कोतवाली के म्यौहर गांव के रमाशंकर त्रिपाठी वन विभाग में दारोगा थे। तीन साल पूर्व वह सेवानिवृत हुए थे। उनके दो बेटे सुजीत त्रिपाठी व सौरभ त्रिपाठी दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं। घर पर दोनों बहू व पत्नी रेखा के साथ वह रहते थे। 26 मई को रमाशंकर त्रिपाठी पत्नी रेखा त्रिपाठी व पड़ोसी कमलेश त्रिपाठी तथा उनकी पत्नी शशिकला त्रिपाठी के साथ टूरिस्ट बस से चारों धाम की यात्रा पर निकले थे।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बड़े बेटे सुजीत के मोबाइल पर फोन आया कि जानकी चट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भैरव मंदिर के पास रमाशंकर की तबियत ज्यादा खराब हो जाने पर पास के अस्पताल ले जाया गया। कुछ देर दोबारा फोन पर मौत की सूचना दी गई। सुजीत त्रिपाठी ने बताया कि फोन से एक एंबुलेंस से वाले से बात हो गई। वह शव लेकर हरिद्वार आ रहा है। दिल्ली से सुजीत त्रिपाठी छोटे भाई सौरभ के साथ हरिद्वार शव लेने के लिए रवाना हो चुके हैं।