दीपक उसे कौशाम्बी लाया और वह लोग मंझनपुर कोतवाली के ओसा में किराए का कमरा लेकर पति-पत्नी के तौर पर रहने लगे। बसंती के मुताबिक वह दो माह के गर्भ से है। इसकी जानकारी जब दीपक को हुई तो वह दो जुलाई को बिना बताए अपने घर भाग गया। उसने फोन से बात करना भी बंद कर दिया। दीपक की मां ने उसे फोन पर धमकी दी कि बेटा नौकरी छोड़ देगा, लेकिन तुझे साथ नहीं रखेगा। घटना की शिकायत पर पुलिस अफसरों ने जांच कराया। मालूम चला कि दीपक दो जुलाई से ही ड्यूटी से बिना सूचना गायब है। प्रतिसार निरीक्षक ने तीन जुलाई को दीपक के खिलाफ रपट लिखाई।
मकान मालिक ने घर से निकाला, झोपड़ी बनी सहारा
सिपाही दीपक की पत्नी बसंती ने बताया कि ओसा स्थित जिस किराए के मकान में वह रहती थी वहां से मकान मालिक ने निकाल दिया। वह अब एक दूसरे की झोपड़ी में सहारा लिए हुए है। उसके पास भोजन तक को पैसा नहीं है। बसंती का आरोप है कि दीपक के इशारे पर मंझनपुर कोतवाली के एक दरोगा बुधवार की शाम उसके घर गए। उन्होंने कहा कि वह किराए का पैसा देते हैं, त्रिपुरा जाकर मुकदमा दर्ज कराओ। बसंती के मुताबिक दीपक ने अपनी सैलरी से तीन लाख का लोन भी हाल में ही लिया है। पुलिस कर्मियों को वह रिश्वत देकर उसे प्रताड़ित करा रहा है।
बसंती ने जताया खुद की सुरक्षा को खतरा
बसंती के मुताबिक वह जहां की रहने वाली है वहां से उसके घर (त्रिपुरा) की दूरी करीब दो हजार किलोमीटर है। यहां उसका कोई नहीं है। उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए बृहस्पतिवार को एसपी से सुरक्षा की मांग की।
सिपाही को बयान के लिए बुलवाया गया है। उसके आने के बाद तस्वीर साफ होगी कि हकीकत क्या हैं। मामला संज्ञान में है। सिपाही बिना सूचना ड्यूटी से गायब है। इसे लेकर उसके खिलाफ रपट लिखी गई है। - बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी