खनन स्थल के बारे में साधी चुप्पी
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. रामनरेश पाल ने बताया कि उन्होंने प्लाट के मालिक और मिट्टी भरने वाले ठेकेदार से काफी पूछा कि खनन कहां से किया गया था, लेकिन दोनों ने चुप्पी साध रखी है। इसकी वजह से वास्तविक खनन स्थल का स्थलीय निरीक्षण नहीं किया जा सका। जेसीबी ऑपरेटर ने बताया कि खनन कई स्थानों से किया गया है। संवाद
सराफा की दुकानों में सिक्के बेचने पहुंच रहे लोग
भराई के दौरान मिले कई सिक्कों को ग्रामीण उठा ले गए। सूत्रों की मानें तो इलाके के कई सराफा की दुकानों में लोग सिक्का बेचने या चेक कराने के लिए पहुंच रहे हैं। पुरातात्विक धरोहर होने के कारण कोई न तो सिक्का चेक कर रहा है, न ही खरीद रहा है।