खुफिया एजेंसियों के रडार पर रिश्तेदार भी
करारी कस्बे से बृहस्पतिवार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का पकड़ा गया था मददगार
करारी। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का संदिग्ध मददगार करारी से गिरफ्तार होने के बाद शुक्रवार को दूसरे दिन कस्बे में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। हालांकि इस प्रकरण को लेकर जनपद भर के लोग अवाक हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर आंध्र प्रदेश पुलिस के आरोपों में कितना दम है। वहीं खुफिया एजेंसियों के रडार पर रिश्तेदार भी आ गए हैं।
करारी से गुरुवार को आंध्र प्रदेश पुलिस ने आईएसआई के एक संदिग्ध मददगार को गिरफ्तार किया था। ऐसी आशंका है कि वह खुद भी एजेंट हो सकता है। उसपर आरोप है कि वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को देश की गोपनीय सूचनाएं मुहैया कराता था। संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को पूरे दिन करारी कस्बे में चर्चाओं का दौर चला। कुछ ने आरोपों को सही तो कुछ ने गलत बताया। गलत बताने वालों में उसके करीबी ही थे। अधिकतर का कहना है कि आरोपी इंतजार सैयद उर्फ इंतजार मेंहदी पुत्र छम्मन मियां निवासी नयानगर करारी संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त रहा होगा। जायरीनों को हज-उमरा आदि कराने के दौरान भी वह ठगता था। इसी दौरान उसके संपर्क आईएसआई एजेंटों से हो गए होंगे। लोग आंध्र प्रदेश (विजयवाड़ा) में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से वहां की मीडिया रिपोर्ट पता करने का प्रयास कर रहे थे। मामले में कौशाम्बी एसपी अभिनंदन का कहना है कि उन्हें अभी आंध्रा पुलिस या अन्य खुफिया एजेंसियों से किसी तरह का कोई इनपुट नहीं मिल सका है।
आईएसआई के संदिग्ध मददगार की करारी में ससुराल है। हालांकि अधिकतर ससुराली जौनपुर में रहते हैं। उसके ससुर मौलाना होने के साथ ही जौनपुर स्थित मदरसे में शिक्षक भी थे। ससुराल के कुछ लोग करारी में ही रह रहे हैं। बहन-बहनोई सहित अन्य रिश्तेदारों का घर भी करारी में है। पैतृक गांव सरायअकिल इलाके का अतरसुइया है। गिरफ्तारी के बाद जनपद की पुलिस ने जिले भर में रह रहे एजेंट के रिश्तेदारों तथा करीबियों की टोह लेनी शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई रिश्तेदार भी तो संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त नहीं है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही पुलिस पूछताछ के लिए कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में लेगी। फिलहाल एसपी ने अन्य संदिग्ध व्प्यक्तियों की गतिविधियां खंगालने के लिए भी खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।
घर में हुआ था बम विस्फोट, घायल हुए थे चार बच्चे
करारी। आरोपी के नयागंज स्थित घर के पास वर्ष 2010 में एक स्कूल था। उस वक्त एजेंट का घर पूरा बना हुआ नहीं था। अगले हिस्से में दरवाजा और जंगला तक नहीं लगा था। पीछे के कमरे में वह परिवार के साथ रहता था। बाहरी कमरे के टांड़ में बम रखा हुआ था। स्कूली बच्चे खेलते-खेलते टांड़ में पहुंच गए। एक बच्चे ने बम से भरा बस्ता नीचे फेंक दिया। जिसके बाद ब्लॉस्ट हो गया। हादसे में चार बच्चे घायल हुए थे। मामले में एजेेंट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी और पुलिस ने गिरफ्तार करके उसे जेल भी भेजा था।
रहन-सहन साधारण होने की वजह से नहीं हुआ शक
मंझनपुर। आरोपी और उसके परिवार का रहन-सहन साधारण है। मकान भी कोई आलीशान नहीं बना हुआ है। परिजन कह रहे हैं कि एजेंट ट्रैवेल एजेंसी चलाता था। इन्हीं कारणों से ज्यादातर बाहर रहता था। सबकुछ साधारण होने की वजह से किसी ने कभी इतना नहीं सोचा कि वह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकता है।