कर्ज माफी के नाम पर किसानों का शोषण शुरू हो गया है। बैंक खाते से आधार कार्ड को लिंक कराने के नाम पर बिचौलिए तीन-तीन सौ रुपये किसानों से वसूल रहे हैं। वह भी लेखपालों के नाम पर। सभी जरूरी दस्तावेज लेकर रुपया ऐंठा जा रहा है। रुपया देने से इंकार करने पर किसानों को धमकी भी दी जा रही है कि उनको इसका लाभ नहीं मिलेगा, गलत रिपोर्ट लगवा दी जाएगी।
शासन द्वारा ऋण माफी योजना की घोषणा के बाद लाभान्वित किए जाने वाले किसानों का चयन कर लिया गया है। चयनित किसानों के बैंक खाते से उनके आधार लिंक नहीं है। बिना आधार लिंक कराए संबंधित किसानों को ऋण माफी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर गांव-गांव किसानों से दस्तावेज लेकर उनके खातों से लिंक कराया जा रहा है। इस कार्य में लगे हलका लेखपाल किसानों को आधार कार्ड लिंक कराने की सलाह दे रहे हैं।
इसका लाभ उठाकर बिचौलिए गांवों में सक्रिय हो गए हैं। लाभान्वित किसानों की सूची लेकर वह उनसे संपर्क करते हैं और दो सौ से तीन सौ रुपया की वसूली कर उनका आधार कार्ड लिंक कराने का दावा करते हैं। ऐसे एक नहीं बल्कि दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं, इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन खामोश है। विकास खंड कौशांबी के कोसम, जाठी, पाली, मोहिद्दीनपुर, कायमपुर सहित दर्जन भर गांवों का प्रकाश में आया है।
मोहिद्दीनपुर निवासी किसान भैरव प्रसाद का कहना है कि आधार, खसरा, खतौनी लेने आया एक व्यक्ति लेखपाल ने नाम पर उनसे तीन सौ रुपए जबरन ऐंठकर चला गया। जाठी निवासी रामलाल का आरोप है कि हलका लेखपाल के नाम पर उससे भी तीन सौ रुपये आधार कार्ड लिंक कराने के नाम पर लिया गया है। यही आरोप सोंधिया निवासी रामकृपाल, कायमपुर के मयादीन किसान ने लगाया है। हो रही वसूली से किसानों में आक्रोश है।