चायल। शिया समुदाय का प्रमुख त्योहार ईद-ए-गदीर रविवार को मुस्तफाबाद, चायल और मनौरी गांव में मनाया गया। इस मौके पर निकाले गए जुलूस में नारा ए हैदरी-या अली का नारा गूंजा। शायरों ने अपने अंदाज मे मौला अली व गदीर की शान में कलाम व कसीदे पढ़े।
जश्न ए ईद-ए-गदीर के मौके पर सुबह मनौरी गांव स्थित पंचायती बड़ा इमामबाड़ा में महफिल का आयोजन किया गया। इसमें शायरों ने हजरत अली की ताजपोशी यानी वली बनाए जाने पर आधारित कलाम और कसीदा पेश किया।
इस दौरान खिताब करते हुए शब्बर अली ने कहा कि ईद-ए-गदीर मोमिन की सबसे बड़ी ईद है।, रसूल-ए-खुदा ने गदीर के मैदान पर हजरत अली की वेलायत का एलान किया। इस मौके पर नियाज अहमद, मो.कैफ, गौहर अली, अब्बास, शजर, जुल्फेकार, तालिब, राशिद, वासिब, सिद्दन आदि मौजूद रहे।