घर के सामने तालाब से जुड़े इसी में गिरकर हुई थी रौनक की मौत। संवाद
हजरतगंज मोहल्ले में शुक्रवार को तीन वर्षीय मासूम रौनक की तालाब में डूबकर हुई मौत के बाद दूसरे दिन घर में सन्नाटा पसरा रहा। शनिवार को दोपहर बाद जब पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव घर पहुंचा तो परिजनों के चीत्कार से पूरा मोहल्ला गूंज उठा।
घर के सामने परिजनों ने तालाब के सामने की जमीन में शव को दफन कर दिया। पिता राजकुमार उर्फ सोनू ने बताया कि हादसे के दिन दोपहर में वह खाना खाने घर पहुंचे थे। उस समय उनका बेटा सो रहा था।
आवाज सुनकर बच्चा नींद से जागा और फिर पानी मांगने पर दौड़कर उन्हें पानी दिया। मासूम की यही मासूमियत उसकी आखिरी याद बन गई। कुछ ही देर बाद वह खेलते-खेलते घर से बाहर निकल गया और फिर वापस नहीं लौटा।
खुले नाले और खतरे की जमीनी हकीकत-पीड़ित परिजनों का आरोप है कि उनके घर के सामने करीब एक लाख आबादी का पानी खुले नाले से होकर तालाब में गिरता है, जिससे हमेशा खतरा बना रहता है।
घर के सामने तालाब से जुड़े इसी में गिरकर हुई थी रौनक की मौत। संवाद
घर के सामने तालाब से जुड़े इसी में गिरकर हुई थी रौनक की मौत। संवाद