कस्बे में ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वाहन स्टैंड बनने के बावजूद चालक मुख्य चौराहों पर आड़ा-तिरछा वाहन खड़ा कर सवारी भर रहे हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
कस्बे में मंझनपुर रोड समेत कई स्थानों पर लाखों रुपये खर्च कर वाहन स्टैंड बनाए गए थे, लेकिन अब उनका उपयोग नहीं हो रहा है। चालक सड़क किनारे ही वाहन खड़े कर देते हैं। मुख्य चौराहे से पीपल मार्ग तक सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
सड़क किनारे फल और सब्जी की दुकानें लगने से मार्ग और संकरा हो जाता है। ई-रिक्शा चालक इसी रास्ते से वाहन निकालते हैं, जिससे घंटों जाम लगा रहता है। दुकानदारों और राहगीरों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दुकान के ठीक सामने ई रिक्शा चालक सवारी भरने के लिए वाहन खड़ा कर देते हैं। ऐसे में ग्राहक दुकान के पास आ ही नहीं पाते। जब ग्राहक नहीं आएंगे तो व्यापार कैसे चलेगा। ई-रिक्शा हटाने को कहा जाता है तो वे झगड़ा करने लगते हैं।- मनु कुशवाहा
चौराहे पर ई-रिक्शा वाले मनमाने ढंग से कहीं भी रिक्शा खड़ा कर देते हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है। चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है। चौराहे पर 24 घंटे मौजूद पुलिस कर्मी भी सब कुछ देखते हुए भी आंख बंद किए रहते हैं। - विपिन केसरवानी
कस्बे के व्यापारियों के साथ कुछ दिन पहले बैठक भी हुई थी। बैठक में व्यापारियों ने ई-रिक्शा चालकों की मनमानी और अतिक्रमण का मुद्दा उठाया था। इसे गंभीरता से लिया गया है। जल्द ही स्थानीय व यातायात पुलिस के सहयोग से मुख्य चौराहे के चारों मार्ग पर निर्धारित स्थल पर वाहन खड़े करवाए जाएंगे। - अंशुमान सिंह, ईओ
विपिन केसरवानी
विपिन केसरवानी