मंझनपुर। ग्रीष्मकालीन अवकाश में रैपिड सर्वे का बहिष्कार करने को लेकर अध्यापकों और अफसरों में ठनी हुई है। अफसर विरोध करने वाले अध्यापकों पर कार्रवाई की धमकी देकर दबाव बना रहे हैं। सभी अध्यापकों को बुधवार को स्टेशनरी के लिए बुलाया गया है। चेतावनी दी गई है कि स्टेशनरी ले जाकर काम शुरू नहीं करने वालों पर कार्रवाई होगी। वहीं शिक्षक संघ भी जिद पर अड़ा है।
बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले सीटों का आरक्षण करने के लिए रैपिड सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए प्राइमरी स्कूलों के 1309 सहायक अध्यापकों और 135 हेडमास्टरों को लगाया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश होने की वजह से शिक्षक रैपिड सर्वे करने का विरोध कर रहे हैं। रविवार को शिक्षकों ने प्रशिक्षण का भी बहिष्कार किया था। इसे देखते हुए सोमवार को अफसर अध्यापकों को स्टेशनरी वितरण की हिम्मत नहीं जुटा सके। डीपीआरओ आरके भारती की मानें तो बुधवार को शिक्षकों को स्टेशनरी वितरण के लिए बुलाया गया है।
वहीं बीएसए अशोक कुमार यादव का कहना है कि छुट्टी में रैपिड सर्वे कराने का निर्णय प्रदेश सरकार का है। इसका विरोध करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेताया कि बुधवार को जो भी अध्यापक स्टेशनरी लेकर रैपिड सर्वे का काम शुरू नहीं करेंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी जाएगी। वहीं, शिक्षक संघ के सदर ब्लाक अध्यक्ष रामबाबू दिवाकर का कहना है कि संगठन अब अपना निर्णय नहीं बदलेगा। जुलाई से पहले अध्यापक किसी भी कीमत पर रैपिड सर्वे नहीं करेंगे। ऐसे में संभव है कि बुधवार को स्टेशनरी दिए जाने को लेकर शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों की अफसरों से रार हो सकती है।