दुष्कर्म के अभियुक्त को 20 वर्ष की सजा, 31 हजार जुर्माना
-कोखराज कोतवाली इलाके में सात वर्ष पहले किशोरी के साथ हुआ था दुष्कर्म
-अपर जिला जज सप्तम नीरज उपाध्याय की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। अपर जिला जज सप्तम नीरज उपाध्याय की अदालत ने बृहस्पतिवार को दुष्कर्म के एक मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने आरोपी को 20 वर्ष की कठोर सजा सुनाने के साथ ही 31 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार कोखराज कोतवाली के एक गांव में रहने वाली किशोरी के घर वाले 15 अप्रैल 2016 को गेहूं की फसल काटने खेत चले गए थे। किशोरी घर की छत पर अकेले सो रही थी। इसी दौरान भदवां गांव निवासी रामप्रसाद उसके घर में घुस आया और दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी युवक धमकी देते हुए भाग गया। घर आई मां को किशोरी ने आप बीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता की मां ने कोतवाली पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई। मुकदमा की विवेचना के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज सप्तम नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत में चला। राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने कुल छह गवाहों को न्यायालय में पेश किया। गवाहों के बयान सुनने वह पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। मामले में बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए अभियुक्त को 20 वर्ष का कारावास व 31 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।