फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रमजान तो सकुशल घर लौटा, सूरज के शव पर संशय बरकरार

विज्ञापन
विज्ञापन
एक शव को लेकर दो परिवारों के बीच छिड़ी कागजी लड़ाई में कब्र से निकाले गए कंकाल को मोक्ष नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, जिस परिवार ने शव को रमजान बताकर दफन किया वह सकुशल घर लौट आया। अब संशय सूरज के शव को लेकर है। परिवार के लोग बिना डीएनए रिपोर्ट के अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते।
विज्ञापन

सिराथू रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे लाइन पर 11 जून को एक युवक का शव मिला। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 14 जून को सदर कोतवाली के बिजलीपुर निवासी शब्बीर ने शव की शिनाख्त अपने बेटे रमजान के रूप में की। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव शब्बीर को सौंप दिया। शब्बीर ने मुस्लिम रीति से शव को दफन कर दिया। इस बीच 27 जून को फतेहपुर जिले के धाता निवासी सुजीत ने शव पर अपना दावा किया। उनका कहना था कि लाश उनके बेटे सूरज की है।
मामले की शिकायत जिलाधिकारी सुजीत कुमार से की गई। डीएम के आदेश पर चार जुलाई को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खोद कर कंकाल की निकाला गया। कंकाल को डीएनए जांच के लिए भेजा गया। दो युवकों के शव को लेकर संशय था कि तभी कुछ दिन बाद रमजान घर आ गया। उसने बताया वह बेरोजागी से तंग आकर कमाने के लिए प्रयागराज गया था। वहां मिले एक रिश्तेदार ने उसकी मौत के बारे में जानकारी दी तो वह परेशान हो गया।
विज्ञापन

फिलहाल, रमजान तो आ गया है लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि जिस शव को दफन किया गया है वह सूरज का ही है। सूरज के घरवाले डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह का कहना है रमजान वापस आ गया है। उम्मीद है शव सूरज का है, लेकिन उसके घरवाले डीएनए जांच रिपोर्ट आने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें