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Rambabu Death Case : पुलिस को मिला वीडियो, आरोपी प्रधान की मौजूदगी आई सामने

Thu, 12 Jun 2025 04:28 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी

सार

लोहंदा कांड में लोग आरोपी प्रधान के घटना वाले दिन पानीपत में होने का भले ही दावा कर रहे हों, लेकिन पुलिस के हाथ ऐसा वीडियो लगा है, जो उसके गांव में मौजूदगी की पुष्टि कर रहा है।
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रामबाबू तिवारी। फाइल फोटो - फोटो : संवाद।
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विस्तार
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लोहंदा कांड में लोग आरोपी प्रधान के घटना वाले दिन पानीपत में होने का भले ही दावा कर रहे हों, लेकिन पुलिस के हाथ ऐसा वीडियो लगा है, जो उसके गांव में मौजूदगी की पुष्टि कर रहा है। वहीं, एसआईटी (विशेष जांच टीम) टीम बुधवार को भी जांच करने के लिए गांव पहुंची और दोनों पक्ष से कई लोगों के बयान दर्ज किए। एसपी राजेश कुमार के निर्देश पर जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की गई है। इसमें थानाध्यक्ष कड़ाधाम धीरेंद्र सिंह सहित तीन पुलिस कर्मी शामिल हैं। एसआईटी ने बुधवार को गांव पहुंचकर मृतक रामबाबू के भाई अनिल तिवारी व गांव के चार लोगों का बयान दर्ज किए। इसके अलावा दुष्कर्म पीड़िता की ओर से उसके चाचा व ताऊ का भी टीम ने बयान दर्ज किया।

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दूसरी ओर रामबाबू की मौत को लेकर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोपी बनाए गए प्रधान पर दर्ज मुकदमे को तमाम लोग गलत बता रहे हैं। उनका दावा है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रधान भूप नारायण पाल पानीपत में मौजूद था। जबकि पुलिस के हाथ एक ऐसा वीडियो लगा है, जिसमें दुष्कर्म पीड़िता की मां स्वयं बोल रही है कि घटना वाले दिन बेटी ने आपबीती सुनाई तो पिता ने प्रधान से जाकर राय ली थी।

इसके बाद पिता ने थाने में तहरीर देते हुए केस दर्ज कराया था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में मिले इस वीडियो को पुलिस अफसरों से सुरक्षित कर लिया है, जिसे एसआईटी की जांच व विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता की मां के बयान का एक वीडियो सुरक्षित किया गया है, जो जांच में साक्ष्य के रूप में काम करेगा।

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चार दिन बाद पुलिस सुरक्षा के साथ घर लौटी दुष्कर्म पीड़िता

सैनी के लोहंदा गांव में दहशत के चलते परिवार सहित पलायन कर गई दुष्कर्म पीड़िता बुधवार को पुलिस सुरक्षा के बीच चार दिन बाद गांव वापस लौट आई है। हालांकि, अभी भी परिवार में दहशत का माहौल है। लोहंदा गांव में आठ वर्षीय बालिका ने 27 मई को गांव के ही रामबाबू तिवारी के पुत्र सिद्धार्थ पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। मुकदमे को फर्जी बताकर न्याय के लिए भटक रहे रामबाबू ने चार जून को कोतवाली में जहर निगल लिया था। इससे मौत हो गई। मामले में पुलिस ने दुष्कर्म पीड़िता के पिता व प्रधान सहित पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया।

पीड़िता के पिता व प्रधान के भाई को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। दूसरे दिन रामबाबू के शव को रखकर परिजनों व ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर दिया था। प्रधान की गिरफ्तारी व पूरे प्रकरण में दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई को लेकर परिजनों ने न्याय मांगा। पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया। माहौल खराब होता देख दुष्कर्म पीड़िता को लेकर उसकी मां गांव छोड़कर रिश्तेदार के यहां चली गई थी। वहीं पति के जेल में होने के कारण दहशतजदा पीड़िता व उसकी मां अपने घर को लेकर काफी चिंतित रहे। हालांकि पाल समाज व राष्ट्र उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूराम पाल की मदद से मंगलवार को पीड़िता व उसकी मां पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची थी। बुधवार दोपहर पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों को उनके गांव पहुंचाया गया। घर के बाहर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।

पीड़ित मां बोली... इन्साफ नहीं मिला तो बच्चों संग खा लूंगी जहर

लोहंदा कांड में सच्चाई को लेकर जारी खींचतान के बीच दुष्कर्म पीड़िता की मां का सोशल मीडिया पर बड़ा बयान सामने आया है। उसने इन्साफ नहीं मिलने पर बच्चों सहित जहर खाकर जान देने की बात कही है। सोशल मीडिया पर एक यूट्यूबर के जरिए मंगलवार दोपहर से एक वीडियो प्रसारित हो रहा है। इसमें पीड़िता व उसकी मां ने घटना की विस्तार से जानकारी दी। महिला ने यह भी बोला कि उसे कोर्ट व पुलिस पर विश्वास है कि बेटी के साथ इन्साफ होगा। यदि न्याय न मिला तो वह अपने तीनों बच्चों के साथ जहर खाकर जान से दे देगी। हालांकि ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करता है। वहीं पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो प्रकाश में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है।

शासन को भेजी गई खुफिया रिपोर्ट पर खड़े हुए सवाल

दुष्कर्म की घटना के बाद खुफिया कर्मचारियों ने अपने स्तर से जांच कर इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। अचानक एसआईटी की जांच में आरोपी को क्लीन चिट दे दिया गया। इससे लोगों का मानना है कि खुफिया तंत्र ने पहले से ही सही जांच कर रिपोर्ट तैयार की होती, तो शायद विवेचक से लेकर थानेदार तक निलंबन की नौबत ही न आती।

ग्राम प्रधान पानीपत में था तो उस पर क्यों घोषित किया इनाम : बघेल

कौशाम्बी के लोहंदा गांव में किसान रामबाबू तिवारी की खुदकुशी मामले में केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल कहा कि आरोपी ग्राम प्रधान भूप नारायण पाल घटना वाले दिन पानीपत में था, ऐसे में नामजद एफआईआर और गिरफ्तारी पर इनाम क्यों घोषित किया गया। मंगलवार को सर्किट हाउस में कौशाम्बी की घटना को लेकर उन्होंने एडीजी के साथ बैठक की।

उन्होंने कहा कि प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाए। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन सीडीआर की जांच कराके उसकी लोकेशन चेक कराएं। अगर वह घटना में शामिल नहीं है तो तत्काल उसका नाम एफआईआर से निकाला जाए और गिरफ्तारी पर घोषित इनाम के नोटिस को भी वापस लिया जाए। बालिका के साथ 27 मई को कथित रेप की घटना के बाद आरोपी के पिता के सुसाइड मामले को लेकर उन्होंने एडीजी से घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जानकारी ली।

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने बताया कि अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पीड़िता के प्रकरण की एसआईटी की निगरानी में जांच कराई जाए, साथ ही 164 का दोबारा बयान भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार में घटना को लेकर कुछ असंतोष हैं। उसे भी प्रशासन दूर करे। परिवार को सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए।

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धरती पुत्र मुलायम के एक्स एप पुत्र है अखिलेश

केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा है कि धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव के अखिलेश यादव सोशल मीडिया के एक्स एप पुत्र हैं। मुलायम सिंह मौके पर जाकर पीड़ित के आंसू पोछते थे। अखिलेश एक्स पर लिख कर चुप बैठ जाते हैं।

विपक्ष की ओर से कौशाम्बी की घटना के बहाने यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने मंत्री बघेल ने कहा कि अगर इस घटना पर आप सवाल उठा रहें हैं तो उमेश पाल की घटना के परिणामों से यह भी कहेंगे कि यूपी की कानून व्यवस्था अच्छी है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जातीय उन्माद फैलाने का भी आरोप लगाया। कहा वह बार बार जाति की बात करते हैं, लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विधायक पूजा पाल ने उन्हें अवगत कराया कि उनके पति के हत्यारों की पुलिस गिरफ्तारी अभी तक नहीं कर पाई। इससे उनकी जान को खतरा है। मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को बदमाश को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है।
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