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कर्ज माफ होता तो न जाती रामबाबू की जान

Thu, 22 Jun 2017 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कौशाम्बी
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कर्ज के कारण कौशाम्बी के किसान की जान चली गई। इस मामले में विपक्ष आक्रामक हो गया है। पिछले कई दिनों से विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता कौशाम्बी के चक बख्तियारा गांव पहुंच रहे हैं। पीड़ित परिवार से मिलकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं। बुधवार को कांग्रेस नेता राजबब्बर और सांसद प्रमोद तिवारी भी मृतक किसान के परिजनों से मिले।
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इस दौरान राजबब्बर ने कहा कि यदि सरकार ने कर्ज माफ कर दिया होता तो किसान रामबाबू को आत्महत्या न करनी पड़ती। यह सरकार भूखे पेट किसानों से योग करवा रही है। पीएम व सीएम जबर्दस्ती योग लोगों को सिखा रहे हैं। किसानों को दो जून की रोटी की जरूरत है।

 वह खेत में दिन भर योग करता है। कहा कि लागत का ढाई गुना मुआवजा पीएम मोदी ने देने का ऐलान किया था। अभी तक किसी को लागत ही नहीं मिली, ढाई गुना तो बहुत दूर की बात रही। कहा कि यह सरकार केवल मन की बात कर लोगों से खिलवाड़ कर रही है। लाखों नौकरी देने का भी वादा किया था। इस सरकार में सिर्फ बेरोजगारी बढ़ी है। युवा परेशान हैं, लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है। कहा कि कांग्रेस ही किसान व युवाओं के बारे में सोचती है।
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सरकार की नाकामी को कांग्रेस ही उजागर करेगी और आंदोलन शुरू करेगी। प्रमोद तिवारी ने कहा कि बीजेपी हर मोर्च पर फेल है। किसानों का उत्पीड़न इसके पहले किसी सरकार में नहीं हुआ। हक मांगने पर गोली मारी जा रही है। इससे बड़ा दुर्भाग्य किसानों का कुछ और नहीं हो सकता। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रामयज्ञ द्विवेदी, जिलाध्यक्ष तलत अजीम, आशीष मिश्र, कौशलेश द्विवेदी, सत्येंद्र सिंह, मो. तौकीर, अजय पांडेय, शमीम आलम, मतेश चंद्र सोनकर आदि लोग रहे।
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