बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने वाली दो साहसी बेटियों ने आज शिक्षा के माध्यम से अपनी नई राह बनाई है। मामला मंझनपुर और चायल तहसील क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों का है। परिवार वालों ने 14 और 16 वर्ष की उम्र में दोनों की शादी तय कर दी थी लेकिन दोनों ने साहस दिखाते हुए महिला हेल्पलाइन नंबर 1081 पर कॉल कर प्रशासन से मदद मांगी।
तत्कालीन जिला प्रोबेशन अधिकारी मंतश बानो ने बताया कि करीब छह माह पहले दो परिवार की बेटियों ने कम उम्र में शादी करने की बात कहते हुए मदद मांगी थी। दोनों का कहना था कि वह आगे पढ़ना चाहती हैं लेकिन परिवार के लोग उनकी शादी कराना चाहते हैं। डीएम के निर्देश पर दोनों का प्रवेश आश्रम पद्धति विद्यालयों में कराया गया। इनमें से एक छात्रा भरसवां के आश्रम पद्धति विद्यालय में और दूसरी कोइलहा के आश्रम पद्धति विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।
जिला प्रोबेशन विभाग करता है मदद
जिला प्रोबेशन अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं की हर समस्या पर विभाग उनके साथ खड़ा है। बालिकाओं की पढ़ाई, सुरक्षा और आवास की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। बेटियों ने जिस हिम्मत के साथ अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई है, वह अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित न रहे और समाज में बाल विवाह जैसी कुरीतियों का अंत हो।