बारिश के दिनों में घरों के आस-पास जमे पानी में डेंगू के जानलेवा मच्छर के पैदा होने की संभावना बनी रहती है। इसमें तनिक भी लापरवाही जान के लिए खतरा बन सकती है। ऐसे में बरसात के मौसम में असावधानी जानलेवा हो सकती है।
बारिश के दिनों में गंदगी और जल जमाव की स्थिति बन जाती है। घरों के आस-पास रखे पुराने बर्तन, कूलर, गड्ढों आदि में जल जमाव हो जाता है। इस पानी में डेंगू जैसी बीमारी मुफ्त में परोसने वाले मच्छर पैदा होते हैं। दिन में काटने वाले यह मच्छर जिन लोगों को डसेंगे उनमें डेंगू का होना तय है। ऐसे में लोग बारिश के दिनों में कुछ खास सावधानियां बरतते हुए इस जानलेवा बीमारी से खुद के साथ-साथ पड़ोसियों का बचाव कर सकते हैं।
खिड़कियों में लगवाएं जाली, पहनें पूरी बांह का कपड़ा
बारिश के मौसम में डेंगू मच्छरों की भरमार हो जाती है। यह मच्छर किसी भी व्यक्ति को दिन में काटता है। ऐसे में इससे बचने के लिए घरों में रहने वाले लोग पूरे बदन का कपड़ा पहने। इसके अलावा घरों की खिड़कियों, रोशनदान आदि स्थानों पर जाली लगवाएं। इससे मच्छर पहले तो घर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। यदि घर में घुस भी गया तो पूरी बांह का कपड़ा पहने रहने की वजह से वह आसानी से काट नहीं पाएगा। इससे व्यक्ति का डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव हो सकेगा।
जमा पानी में और नालियों में करें तेल का छिड़काव
बारिश के दिनों में घरों के आस-पास गड्ढों और रखे हुए पुराने बर्तनों में पानी जमा हो जाता है। इस पानी में डेंगू मच्छर के लार्वा पैदा हो जाते हैं जो दो से तीन दिन के भीतर मच्छर बनकर लोगों को काटने का काम शुरू कर देते हैं। लोगों को चाहिए कि वह घरों के आस-पास जमा हुए पानी और नालियों में मिट्टी का तेल, जला हुआ मोबीऑयल डाल दें। इससे मच्छर पैदा करने वाले लार्वा नष्ट हो जाएंगे।
इन स्थितियों पर न करें अनदेखी
डेंगू मच्छर के काटने के बाद व्यक्ति में सर्दी के साथ अचानक तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना, उल्टी के अलावा नाक, मुंह और मसूड़ों से खून आए और त्वचा में चकत्ते दिखें तो इसकी अनदेखी कत्तई न करें। ऐसे व्यक्ति के खून की तत्काल जांच कराते हुए उसे समुचित इलाज मुहैया कराएं। ऐसी दशा में जरा भी अनदेखी पीड़ित की जान पर खतरा बन सकती है।
बारिश के दिनों में मौसमी बीमारी के साथ-साथ डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू मलेरिया के लक्षण दिखने में व्यक्ति का तत्काल प्रशिक्षित चिकित्सक से इलाज कराएं। इसमें तनिक भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
डॉ. एम.के. सिन्हा, सीएमओ कौशाम्बी