तीन दिन तक रह-रहकर हुई बारिश बुधवार की शाम अचानक बंद हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह आसमान में जैसे ही सूरज की किरणें धरती पर पहुंची तो उमस और गर्मी पुन: लौट आई। सूर्य और बादलों के बीच दिनभर चले लुकाछिपी के खेल से मौसम का मिजाज गर्म रहा। इसके चलते तीन दिन के सुहाने मौसम के बाद लोगों को उसम और गर्मी का अचानक सामना करना पड़ा। जिससे लोग पस्त नजर आए। हालांकि शाम को अचानक बारिश होने से एक बार मौसम फिर सुहाना हो गया।
दोआबा में तीन दिन से रह-रहकर बरसात हो रही थी। इसके चलते मौसम पूरी तरह सुहाना रहा लेकिन बुधवार की शाम से बारिश अचानक रुक गई। दिनभर बारिश से रात का मौसम तो ठीक रहा पर बृहस्पतिवार की सुबह होते ही बादलों के घेरे को भेदकर भगवान भास्कर प्रगट हुए। उनकी किरणें जैसे ही धरती पर टकराईं तो गर्मी और उमस एक बार फिर लौट आई। पूरे दिन लोग उमस और गर्मी के चलते पसीने से तरबतर रहे।
धूप होते ही गंदगी से फैली बदबू
गांवों और कस्बों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम है। तीन दिन तक रह-रहकर हुई बारिश के चलते नालियों और सड़कों पर पसरी गंदगी धूप होते ही सड़ने लगी है। धूप पड़ते ही गंदगी से बदबू आना शुरू हो गया। इसे लेकर लोगों में सफाई कर्मियों के प्रति नाराजगी दिखी। बहरहाल समय रहते कस्बों और गांवों की गंदगी साफ नहीं कराई गई तो बीमारी का फैलना तय है।
गांवों से सफाई कर्मी नदारद
दोआबा की ग्राम सभाओं को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए लगभग एक हजार सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है लेकिन पंचायत चुनाव के बाद से गांवों की सफाई व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। जिम्मेदारों का कहना है कि वह गांवों की सफाई टोली बनाकर करवा रहे हैं लेकिन दोआबा का एक भी गांव साफ सुथरा नहीं दिख रहा है। लोहिया गांव हो या सामान्य किसी भी गांव में सफाई कर्मियों की टोली नहीं दिख रही। बानगी के तौर विकास खंड कौशाम्बी के म्योहर गांव को लिया जा सकता है। यहां पर सफाई कर्मियों की टोली माह फरवरी के बाद आज तक नहीं पहुंच सकी। गांवों में सफाई कर्मियों के न जाने से गंदगी का अंबार लग चुका है। इधर बीच बरसात होने पर गंदगी सड़ने लगी है। इससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो रहा है।
गंदगी से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा
तीन दिन तक हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार की सुबह धूप निकली। धूप के चलते गर्मी और उमस अचानक बढ़ गई। इससे गांवों में फैली गंदगी सड़ने लगी। इसकी दुर्गंध से लोगों का घर के दरवाजों पर बैठना मुश्किल हो रहा है। गांवों में बारिश के दौरान यदि सफाई नहीं कराई गई तो लोगों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
गांवों की सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त रहे इसके लिए कर्मचारियों की न्याय पंचायतवार टोली बना दी गई है। जिस गांव में सफाई नहीं हुई इसकी जांच कराकर संबंधित टोली के सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आरपी मिश्र, डीपीआरओ