मंझनपुर (ब्यूरो)। फसल बर्बादी का राहत चेक देने के बदले सुविधा शुल्क मांगे जाने से कुम्हियावां और पूरबसरावां गांव के किसानों में आक्रोश है। नाराज अन्नदाताओं ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में आकर प्रदर्शन किया। लेखपाल पर वसूली करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत प्रभारी डीएम से की। प्रभारी जिलाधिकारी जांच कराकर दोषी राजस्वकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा प्रदर्शनकारी किसानों को दिलाया।
बतादें कि मार्च-अप्रैल के महीने में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जिले के 1.50 किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों की लगभग 70 फीसदी फसल चौपट हो गई। इसकी वजह से किसानों के सामने दो जून की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों की मदद के लिए शासन की ओर से राहत राशि का चेक वितरित किया जा रहा है। वितरण के शुरूआती दौर में तो अफसरों ने गांवों में कैंप लगाकर खुद की देख रेख में राहतराशि के चेक का वितरण किया।
पर, अब यह जिम्मेदारी राजस्वकर्मियों को दी गई है। आरोप है कि राजस्वकर्मी (लेखपाल) राहत राशि का चेक देने के नाम पर किसानों से सुविधा शुल्क की वसूली कर रहे हैं। मंझनपुर तहसील के कुम्हियावां गांव के झुरई, अजय कुमार, शिवबरन, कौशल्या देवी, गुड्डू और पूरब सरावां गांव की ननकी देवी, बच्चालाल, कमलेश कुमार आदि किसानों ने बताया कि हल्का लेखपाल राहत राशि का चेक देने के नाम पर उन लोगों से पैसों की मांग कर रहा है। रुपये नहीं देने वाले किसानों को चेक देने के लिए दौड़ाया जा रहा है। पैसे दे देने वाले गांवों के किसानों को लेखपाल ने चेक भी दे दिया है।
इसकी शिकायत किसानों ने एसडीएम से की थी। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे परेशान किसानों ने बृहस्पतिवार को स्थानीय भाजपा नेता मंगला प्रसाद शुक्ल की अगुवाई में कलेक्ट्रेट में हुंकार भरी। प्रभारी डीएम को शिकायती पत्र देकर उनसे मुआवजा दिलाने और दोषी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रभारी डीएम सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।