किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू ने मंगलवार को मंझनपुर में प्रदर्शन किया। इससे पहले तहसील में हुई बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी को संबोधित 5 सूत्री ज्ञापन उपजिलाधिकारी को देकर नहरों में पानी छोड़ने, पट्टे की जमीन को भूमिधरी करने, गरीबों को भूमि आवंटन आदि की मांग की।
किसानों की अनदेखी से भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) में गुस्सा है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मंझनपुर में प्रदर्शन किया। इससे पहले तहसील में हुई बैठक में मंडल संगठनमंत्री भइयालाल धुरिया ने कहा कि नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने के कारण गेहूं, आलू, सरसों की फसलें सूखकर बर्बाद हो रही हैं। 20 साल पहले आवटिंत कृषि भूमि के पट्टेदारों को भूमिधर नहीं बनाया जा रहा है। राजस्व निरीक्षक और हल्का लेखपाल सुविधाशुल्क की मांग कर रहे हैं। विरोध करने पर पट्टेदारों को दौड़ाया जा रहा है। इसी तरह समितियों में खाद की किल्लत है। किसान खाद के लिए भटक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोहिया गांवों में आवास के नाम पर वसूली की जा रही है। इससे गरीब आवास पाने से वंचित हैं। इस दौरान जिलाधिकारी को संबोधित 5 सूत्री ज्ञापन देकर नहरों में पानी छोड़ने, पट्टे की जमीन को भूमिधर करने,समितियों में खाद उपलब्ध कराने, भूमिहीनों को ग्रामसभा की जमीन का आवंटन करने, लोहिया गांवों में गरीबों के आवास मुहैया कराने की मांग की। संगठनमंत्री ने मांगें पूरी नहीं होने पर 15 दिसंबर से तहसील में बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है। इस मौके पर देवराज, रामलखन, राधेश्याम, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।