कोरीपुर माइनर मंगलवार को अचानक ओवरफ्लो हो गई। इससे पचामा, बैरमपुर, कोरीपुर, निखोदा, डकशरीरा आदि गांवों में सैकड़ों बीघा गेहूं, आलू, सरसों की फसल डूब गई। आरोप है कि सिल्ट सफाई के नाम पर महज खानपूर्ति के कारण नहर का पानी ओवरफ्लो हुआ है। किसानों ने इसकी जिलाधिकारी से शिकायत भी की। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच करने का निर्देश दिया है।
किशुनपुर पम्प कैनाल से कोरीपुर माइनर में पानी की आपूर्ति की जाती है। पचामा गांव के रूपेन्द्र सिंह, मनोज सिंह, अजय कुमार, राधेश्याम सिंह, अजय कुमार, कोरीपुर के अवधेश कुमार, रामनरेश, जवाहरलाल, विजय कुमार आदि ने बताया कि मंगलवार को अचानक माइनर ओवरफ्लो हो गई। इससे कोरीपुर के रामलखन पांडेय, रामनेवाज, रामअक्षैवर सिंह, विजय कुमार, राधेश्याम, गिरधर सिंह, मान सिंह, गोपाल, मुन्ना सिंह आदि दर्जनों किसानों के सैकड़ों बीघा खेत में बोई गई गेहूं, आलू और सरसों की फसल डूब गई है।
किसानों का आरोप है कि सिल्टसफाई के नाम पर सिंचाई विभाग के ठेकेदारों ने सिर्फ खानापूर्ति की है। इससे माइनर का पानी जगह-जगह रूक जाता है। इसी से माइनर ओवरफ्लो हो रही है। सिंचाई विभाग के अफसरों की मनमानी के कारण किसानों में आक्रोश है। किसानों ने इसकी जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच करने का निर्देश दिया है। इस संदर्भ में डीएम राजमणि यादव का कहना है कि नहरों के सिल्ट सफाई में लापरवाही की शिकायतें मिली हैं। एक-एक करके सभी माइनरों की जांच कराकर संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।