अबकी गर्मी पिछला सारा रिकार्ड तोड़ने पर आमादा है। चैत में ही पारा 41 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। आसमान से आग बरसने लगी है। गर्मी से जनजीवन पर विपरीत असर पड़ने लगा है। अभी अप्रैल की शुरूआत है, लेकिन पारा 41 डिग्री सेल्सियस पार हो गया है। जबकि अप्रैल में आम तौर पर अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक पिछले साल 4 अप्रैल को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस था। वहीं इस साल 2 अप्रैल से ही पारा 41 डिग्री के आसपास बना हुआ है। आसमान से अभी से आग बरसने लगी। सुबह 9 बजते-बजते धूप इतनी तेज हो जाती है कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। लोग बताते हैं कि ऐसी गरमी और तेज धूप तो जून में होती थी।
मंगलवार को गर्मी इतनी तेज थी कि लोगों को जेठ का एहसास होने लगा। दोपहर में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पार रहा। धूप से बचने के लिए पूरा बदन ढकने को मजबूर दिखे। लोगों को कहना है कि गर्मी का अभी यह हाल है, तो मई- जून में क्या होगा? अप्रैल के पहले सप्ताह में ही शुरू हुई भीषण गर्मी से राहगीरों को राहत देने के लिए अब तक कोई भी इंतजाम चौराहों, बाजार, बस अड्डों पर नहीं दिख रहा है। मंझनपुर में ही देखें तो का इंतजाम नहीं होने से लोग दुकानों से खाद्य पदार्थ खरीदकर खाने के बाद पानी पीने को मजबूर हैं।