दोआबा में डायरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को असवां गांव में उल्टी-दस्त से पीड़ित एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि शिकायत के बाद भी गांव में स्वास्थ्य टीम नहीं भेजी गई।
चायल के मोहब्बतपुर असवां गांव में सप्ताह भर से लोग डायरिया से परेशान हैं। घर-घर लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। गांव के सरोज कुमार की दो वर्षीय बेटी कनक मंगलवार रात अचानक बीमार हो गई। तेज बुखार के साथ आधी रात बच्ची उल्टी-दस्त से कराह उठी। बच्ची की हालत गंभीर देख घर वाले उसे नजदीक में ही एक चिकित्सक के पास ले गए। बच्ची की हालत नाजुक देख डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बुधवार दोपहर डायरिया से पीड़ित बच्ची की इलाज के दौरान के मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को दी गई थी। इसके बाद भी कोई चिकित्सक गांव नहीं पहुंच रहा है। पखवारे भर के भीतर कौशाम्बी में डायरिया से करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। बच्ची की मौत से परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।