क्षेत्र के निंदुरा गांव निवासी प्रियंका यादव ने मेहनत और लगन के बल पर स्वरोजगार की नई पहचान बनाई है। महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने लोन लेकर चप्पल बनाने का कारोबार शुरू किया। अब महिलाओं के बीच में वह मिसाल बनी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
प्रियंका यादव ने बताया कि वह वर्ष 2022 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार शुरू करने की प्रेरणा मिली। वर्ष 2025 में उन्होंने समूह के माध्यम से डेढ़ लाख रुपये का लोन लेकर चप्पल बनाने का कारोबार शुरू किया। शुरुआत छोटे स्तर से हुई, लेकिन धीरे-धीरे कारोबार बढ़ता गया।
वर्तमान समय में प्रियंका खुद चप्पल तैयार करती हैं और होलसेल कारोबार करने के साथ मंझनपुर स्थित सरस हाट में दुकान लगाकर बिक्री भी करती हैं। उनका कहना है कि हर महीने इतना कमा लेती हैं जिससे परिवार का खर्च आसानी से चल जाता है। कहा कि वह खाली नहीं बैठती हैं।