प्री-मानसून की दस्तक के साथ किसानों ने खरीफ फसलों की तैयारी शुरू कर दी है लेकिन जिले की अधिकांश नहरों और रजबहों में अब तक पानी नहीं पहुंच सका है। भीषण गर्मी के बीच सूखी नहरों में धूल उड़ रही है।धान की नर्सरी तैयार करने और खेतों की सिंचाई करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है।
निचली गंगा कमांड की मंझनपुर और करारी रजबहों समेत जिले की कई नहरों में अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है। खेतों में बोआई की तैयारी कर चुके किसानों को समय पर सिंचाई न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान की रोपाई का समय नजदीक आने के बावजूद नहरों का सूखा रहना किसानों की चिंता बढ़ा रहा है।
किसान अनिल कुमार, प्रदीप, हरीलाल, राम खेलावन और शीतला प्रसाद का कहना है कि हर वर्ष खरीफ सीजन से पहले नहरों में पानी पहुंचाने के दावे किए जाते हैं। हकीकत यह है कि खेतों तक पानी समय से नहीं पहुंच पाता। यह हालात सिर्फ मंझनपुर और करारी तक सीमित नहीं है। नेवादा, चायल, मूरतगंज, कौशाम्बी और मंझनपुर ब्लॉक की कई नहरों व रजबहों में भी पानी नहीं पहुंचा है।
मंझनपुर रजबहा में करीब तीन महीने से पानी नहीं छोड़ा गया। इस समय धान की बेहन के साथ उर्द, मूंग और पिपरमिंट की फसलों की सिंचाई के लिए पानी की ज्यादा जरूरत है। - शीतला प्रसाद मिश्र, किसान भैला मकदूमपुर
करारी रजबहा में करीब तीन साल से पानी नहीं आया। किसानों को सिंचाई के लिए दूसरे के प्राइवेट नलकूप से अधिक पैसा देकर सिंचाई करनी पड़ती है। अब तो सिर्फ बारिश ही सहारा है। - मंजर अब्बास, किसान अगिऔना
नहरों में रोस्टर के मुताबिक पानी छोड़ा जा रहा है। जिन क्षेत्रों की नहरों में अभी पानी नहीं पहुंचा है, उनमें भी इसी सप्ताह के भीतर पानी पहुंच जाएगा ताकी किसानों को सिंचाई संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। - विनोद राम त्रिपाठी, सीडीओ।
सूखी पड़ी कौशाम्बी ब्लॉक के कनैली क्षेत्र से गुजरी रजबा नहर। संवाद
सूखी पड़ी कौशाम्बी ब्लॉक के कनैली क्षेत्र से गुजरी रजबा नहर। संवाद
सूखी पड़ी कौशाम्बी ब्लॉक के कनैली क्षेत्र से गुजरी रजबा नहर। संवाद