पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटे मौजूदा प्रधानों के सामने लॉकडाउन की सुचिता बरकरार रखना चुनौती भरा साबित हो रहा है। बाहर से आने वाले करीबी की सूचना नहीं देने पर अब प्रधान को जिम्मेदार मानते हुए प्रशासन ने कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसे लेकर प्रधानों के सामने दोराहे की स्थित बन गई है। सूचना देने पर वोट बैंक खराब होने का खतरा नहीं देने पर जेल जाना।
प्रधानी के चुनाव को लेकर गांव-गांव सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस बीच लॉकडाउन के कारण तमाम परदेशी गांव आ रहे है। बाहर से आए लोगों को क्वारंटीन सेंटर में रखना है। इसकी सूचना देने की जिम्मेदारी प्रधान पर तय की गई है। अफसरों को पता चला कि चुनाव खराब नहीं हो, इसे लेकर जिले के कुछ प्रधान बाहर से गांव लौटे अपने सर्मथकों की सूचना अफसरों से छिपा रहे हैं। विपक्षी खेमे के लोगों की ही सूचना दी जा रही है। इसे लेेकर अफसरों की निगाह तिरक्षी हो गई है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने प्रधानों को बाहर से आए व्यक्ति की सूचना अनिवार्य रूप से कंट्रोल रूम तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। चेताया कि अगर गांव में कोई व्यक्ति बाहर से आकर घर में रहता मिला तो उसकी जिम्मेदारी प्रधान की होगी। प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मछली उत्पादन, मत्स्य बीज वितरण व मछली आहार के उत्पादन व बिक्री में छूट प्रदान की है। कहा व्यापारी लॉकडाउन की अवधि में दुकान खोल सकते हैं लेकिन एक साथ चार से ज्यादा लोग दुकान में नहीं रहे। सामाजिक दूरी बनाकर मछली का विक्रय किया जाए। कारोबारी मास्क लगाकर ही व्यापार करेंगे।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया आवश्यक समान को लाने व ले जाने के बहाने कुछ ट्रक चालक अन्य प्रदेश व अन्य जनपदों से लोगों को ला रहे हैं। इसकी वजह से कोरोना का संक्रमण फैल सकता है। ऐसे वाहन चालक व गाड़ी मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वाहन को भी सीज किया जाएगा। थानाध्यक्ष व सेक्टर मजिस्ट्रेट इस पर भी निगरानी करेंगे।