प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुलवाए गए खातों पर अधिकारियों की नजर टिक गई है। इन खातों की जांच शुरू हो गई है। जीरो बैलेंस पर खुले इन खातों में यदि 50 हजार रुपये से ज्यादा जमा हुए हैं तो इस संबंध में खाता धारक से सवाल-जवाब होगा। इसकी बैंकर्स ने तैयारी भी शुरू कर दी है।
जिले में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत तीन लाख 67 हजार खाते खुलवाए गए हैं। यह सभी खाते जीरो बैलेंस पर बैंकों ने खोले थे। इनमें से अधिकांश खाते ऐसे हैं, जिनमें आठ नवंबर तक पांच सौ व एक हजार रुपये था अथवा बैलेंस जीरो ही था। पुरानी नोट बंद होने के बाद इन खातों में अचानक लाखों की रकम आनी शुरू हो गई है। माफिया व सेठ साहूकार अपने मजदूरों के खाते में अपना रुपया डलवा रहे हैं। इसकी भनक लगते ही बैंकर्स ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले खातों की पड़ताल शुरू हो गई है। एलडीएम दिनेश मिश्र का कहना है कि यदि इन खातों में 50 हजार रुपये से ज्यादा की रकम मिली तो खाता धारक से यह पूछा जाएगा कि उनके पास यह रकम कहां से आई। यदि खाताधारक को प्रभाव में लेकर किसी ने रकम डलवाई है तो उसकी खैर नहीं है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि गरीब तबके के लोग अचानक आठ से 20 हजार रुपये की जमा कर सकते हैं। यह समझ में आता है, लेकिन अचानक लाखों की रकम वह जमा करें। यह समझ से परे है। इसलिए ऐसे लोग बच नहीं पाएंगे।