दोआबा के 47 हजार प्रवासियों को राहत देगा गरीब कल्याण रोजगार अभियान
दो वक्त की रोटी के लिए परदेस संवारने वाले श्रमिक अब गांव चकाएंगे
सूबे के 31 जनपदों में कौशाम्बी जिले को भी किया गया अभियान में शामिल
डीएम ने संबंधित विभागों को कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने का दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खौफ से दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब आदि प्रांतों, महानगरों से घर लौटे जिले के तकरीबन 47 हजार प्रवासी श्रमिकों के लिए राहतभरी खबर है। जल्द ही उन्हें गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत गांव में ही रोजगार मुहैया कराने की तैयारी की जा रही है। शासकीय फरमान के बाद जिला प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। डीएम ने इसके लिए संबंधित विभागों को जल्द ही कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कोरोना संकट में लॉकडाउन और उसके बाद घरों को लौटे प्रवासी श्रमिकों के लिए महामारी ने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। समस्या को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को गरीब कल्याण रोजगार अभियान लांच किया है। अभियान के तहत छह राज्यों के 116 जनपद को शामिल किया गया है। इनमें यूपी के 31 जिले हैं। इनमें कौशाम्बी जिला भी शामिल है। दरअसल जनपद के लोग बड़ी संख्या में रोजगार के लिए परदेस जाते थे। कोरोना के चलते इनमें से तकरीबन 47 हजार प्रवासी घर लौट आए हैं। सीडीओ इंद्रसेन सिंह ने बताया कि अभियान के तहत इन प्रवासियों को रोजगार देने की तैयारी की जा रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के जरिए अब उन्हें गांव में ही रोजगार देने की तैयारी में अफसर जुट गए हैं। उनसे गांवों में 25 तरह के कार्य कराए जाएंगे। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने इसके लिए संबंधित विभागों से कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके बाद 125 दिन का अभियान चलाकर प्रवासी श्रमिकों को उनकी योग्यता के अनुसार काम दिया जाएगा।
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जनसेवा केंद्र से होगा ऑनलाइन पंजीयन
श्रमिकों को लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। जनपद में संचालित किसी भी जनसेवा केंद्र से पंजीयन नि:शुल्क होगा। पंजीयन के दौरान श्रमिकों को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक साथ ले जाना होगा।
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प्रवासियों को गांव में रोकने का प्रयास
मंझनपुर। सरकार का प्रयास है कि ज्यादातर कार्य ग्रामीण विकास से जुड़े हों। मजदूरों की उपलब्धता होने पर ज्यादा से ज्यादा काम देकर सरकार उन्हें गांव में ही रोकने की कोशिश कर रही है। प्रवासी श्रमिकों से गांव में सड़क, ग्रामीण आवास, बागवानी, पौधरोपण, जल संरक्षण एवं सिंचाई, ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालयों आदि का निर्माण कराने, 14वें व राज्य वित्त से होने वाले कार्यों, मनरेगा से होने वाले कार्यों सहित 25 प्रकार के कार्यों को कराने की कार्य योजना बनाई जा रही है।