सिराथू ब्लाक प्रमुख जितेंद्र सोनकर के खिलाफ बुधवार को बीडीसी सदस्यों ने डीएम को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। ब्लाक प्रमुख के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। भाजपा के ब्लाक प्रमुख यहां से निर्विरोध चुनाव जीते थे। विरोधियों का दावा है कि करीब 137 बीडीसी में से उनको 111 का समर्थन प्राप्त है। अविश्वास प्रस्ताव दिए जाने के बाद से सिराथू ब्लाक की राजनीति गरम हो गई है।
सिराथू ब्लाक के क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेश सोनकर के नेतृत्व में क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने डीएम मनीष कुमार वर्मा को अविश्वास प्रस्ताव दिया। डीएम को बताया कि ब्लाक प्रमुख जितेंद्र कुमार सोनकर कई अहम तथ्यों को छिपाकर चुनाव लड़े थे। वह फतेहपुर के किशनपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं, लेकिन उन्होंने रामपुर धमांवा का निवासी बताकर अपना नामांकन किया और चुनाव लड़े। वह रामपुर धमावा के निवासी नहीं है। इसके अलावा आपराधिक तथ्य छिपाने का आरोप लगाया है। सदस्यों का कहना है कि ब्लाक प्रमुख ने सदस्यों का विश्वास खो दिया है। जितेंद्र सोनकर के खिलाफ जताए गए अविश्वास में 111 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। सिराथू ब्लाक क्षेत्र में कुल 137 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। डीएम ने मामले की जांच जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर को सौंप दी है। ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास से सिराथू ब्लाक की राजनीति गरम हो गई है।
सिराथू ब्लाक के करीब 49 ऐसे सदस्य हैं, जिन्होंने अब तक शपथ नहीं ली है। शपथ न लेने पर इनके खिलाफ अधिकारियों को ब्लाक से रिपोर्ट भेजी गई है। यह मामला अभी भीं लंबित चल रहा है। इस मामले को ब्लाक प्रमुख जितेंद्र सोनकर ने हथियार बना रखा है। वह लगातार यही प्रयास करते रहे हैं कि इन सदस्यों का चुनाव शून्य करा दिया जाए। अविश्वास प्रस्ताव देने वाले शपथ न लेने वाले भी सदस्य हैं। वहीं ब्लाक प्रमुख सिराथू जितेंद्र सोनकर का कहना है िककिडीएम को दिए गए अविश्वास प्रस्ताव में सदस्यों ने तथ्य छिपाए हैं। कुल 16 लोग अविश्वास प्रस्ताव देने गए थे। इनमें आठ लोग बीडीसी सदस्य हैं, बाकी क्षेत्र के गुंडे-माफिया। यही माफिया ब्लाक को अपने कब्जे में लेकर मनमाने तरीके से ब्लाक का संचालन करने की कोशिश कर रहे हैं।