प्रत्येक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का अब अपना एक खेल होगा। एक कस्तूरबा-एक खेल के माध्यम से छात्राएं खेल का अभ्यास करेंगी। खिलाड़ियों को तैयार करने की जिम्मेदारी भारतीय खेल प्राधिकरण (सांई) ने ली है। सांई की निगरानी में खिलाड़ी अपना खेल निखारेंगी। नए सत्र से खेल का आवंटन व अभ्यास शुरू करने की योजना है।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर पर कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के लिए एक कस्तूरबा-एक खेल योजना शुरू की गई है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक स्कूल के लिए अलग-अलग खेलों का चयन होगा। फिलहाल अभी जिला स्तर पर इस योजना पर काम शुरू नहीं हुआ है। नए सत्र से योजना धरातल में उतारी जाएगी। अभी स्कूलों से रिपोर्ट मांगी जा रही है।
बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में खेल का मैदान, छात्राओं की खेल के प्रति रुचि आदि के आधार पर वहां की छात्राएं किस खेल को पसंद करती हैं। यह सब जानकारी मिलने के बाद विद्यालय को खेल आवंटित किया जाएगा। खेल आवंटन के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि जो खेल स्कूल को मिले। उसके लिए फील्ड स्कूल में मौजूद रहे।