सूत्रों की मानें तो पंचायत में पश्चिमशरीरा, मिरदहन का पुरवा, करारी कोतवाली के पथरा सहित पांच गांव के लोग शामिल थे। चंदा पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। उसके इंकार करने पर आरोपी आरिफ व उसके घर वालों ने चंदा के साथ भरी पंचायत में मारपीट की। इसके बाद आरिफ चंदा को आसाढ़ा स्थित किराए के भवन में ले गया। यहां से वह जबरन इलाज कराने की बात कहकर चंदा को अपने साथ मिर्जापुर ले गया। आरिफ मिर्जापुर में ही 108 एंबुलेंस का चालक था। 14 फरवरी की रात आरिफ ने असाढ़ा गांव में रही चंदा की बेटी सृष्टि और वर्षा को फोन कर बताया कि उनकी मां की मौत हो गई है।
इस पर सृष्टि सिंह को मां की मौत पर संदेह हुआ। उसने घटना की जानकारी फोन पर अपनी नानी श्रीमती और मामा गुलशन को दी। मौके पर पहुंची श्रीमती की तहरीर पर पुलिस ने आरिफ सहित 12 नामजद और 100 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आरिफ गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब पंचायत में शामिल लोगों को चिह्नित कर रही है।
चंदा हत्याकांड में मुख्य आरोपी आरिफ को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वारदात में जो अन्य लोग भी शामिल रहे उन्हें भी चिह्नित कराया जा रहा है। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - बृजेश कुमार श्रीवास्तव-एसपी