मंझनपुर। ढीले, जर्जर तारों की स्पार्किंग से जले ट्रांसफार्मर के कारण उदहिन गांव में डेढ़ महीने से बत्ती गुल है। इससे 5 हजार की आबादी रात अंधेरे में गुजारने को मजबूर हैं। आरोप है कि शिकायतों के बाद भी जर्जर तार और ट्रांसफार्मर बदला नहीं जा रहा है। जबकि तार टूटने के कारण हुए हादसों में इस गांव के दो लोगों की जान भी जा चुकी है।
बिजली विभाग की मनमानी को लेकर सिराथू तहसील के उदहिन गांव के लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। गांव के रहने वाले जिला पंचायत सदस्य जगजीत दिवाकर ने बताया कि करीब 20 साल पहले उनके गांव में बिजली के तार खींचे गए थे। तब से इन तारों को बदला नहीं गया है। जर्जर और ढीले हो चुके तार अक्सर जहां टूटकर गिरते रहते हैं। वहीं ढीले तारों के आपस में टकराने से हुई स्कार्पिंग से आए दिन ट्रांसफार्मर और लोगों के घरों में लगे बिजली के उपकरण भी फुंकते रहते हैं। जिपं सदस्य ने बताया कि तारों के टकराने के कारण ही डेढ़ महीने पहले ट्रांसफार्मर जल गया था। तभी से पूरे गांव की बत्ती गुल है। उन्होंने बताया कि गांववालों ने कई बार एसडीओ और अवर अभियंता से शिकायत भी की। बताया कि उन्होंने खुद दो बार एक्सईएन को ट्रांसफार्मर जले होने और जर्जर तारों से होने वाली घटनाओं से अवगत कराया है। आरोप है कि इसके बाद भी ट्रांसफार्मर और जर्जर तार नहीं बदले जा रहे हैं। जबकि सालभर के भीतर ही तार टूटने से करंट की चपेट में आने से गांव के दो व्यक्तियों की मौत भी हो चुकी है।