चरवा गांव में पानी की टंकी की करीब एक दशक से सफाई नहीं कराई गई है। इससे करीब 20 गांवों में दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों की मानें तो पानी के साथ कीड़े भी आते हैं। इसकी वजह से कभी भी बीमारी फैल सकती है। प्रधान ने बताया कि समस्या से अवगत कराने के बाद भी जल निगम के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बता दें कि चरवा गांव में करीब 40 साल पहले पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। इस टंकी से टाटा, पहाड़पुर, पिपरी, ओंदारपुर, कलापत का पूरा, धमसेड़ा, चरवा खुर्द, बहादुरपुर, मड़ूकी समेत करीब 20 गांवों में पानी की आपूर्ति की जाती है। चरवा गांव के रहने वाले राम अवतार, रवींद्र पांडेय, मनीष कुमार, आशीष केसरवानी, भोलानाथ, नागेश कुमार, महेश कुमार आदि ने बताया कि करीब 10 साल से इस टंकी की सफाई नहीं कराई गई है।
वहीं इसमें बरसों से ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन की गोलियां भी नहीं डाली जा रही हैं। इसके कारण टंकी से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। गांव के लोगों की मानें तो पानी में छोटे-छोटे कीड़े भी आते हैं। गंदे और कीड़ेदार पानी से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई जा रही है। चरवा के प्रधान गनेश दत्त प्रजापति ने बताया कि जल निगम के अधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र दिया जा चुका है। इसके बाद भी टंकी की सफाई नहीं कराई जा रही है।