निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण परीक्षा कराने को लेकर डीएम मधुसूदन हुल्गी, एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के साथ केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। डीएम ने केंद्रों पर पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशील चेक की। सख्ती का असर रहा है कि पंजीकृत 1920 अभ्यर्थियों में सिर्फ 902 ही केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे। डीआईओएस सच्चिदाननंद यादव ने बताया कि पहली पाली की परीक्षा से 1015 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा में इनमें से भी तीन कम हो गए। इस तरह से 1018 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
काट दिया कलावा, उतरवा लिए जूते और जैकेट
पीसीएस परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए थे। केंद्रों पर अभ्यर्थियों की रेटिना और बायोमेट्रिक चेकिंग की गई। इससे सिर्फ पंजीकृत अभयर्थियों को ही प्रवेश मिल सका। ठंड के बावजूद अभ्यर्थियों के जैकेट, जूते और टोपी उतरवा ली गई थी। सिर्फ यहीं नहीं, कुछ परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले महिला अभ्यर्थियों से कुंडल, अंगूठी और कड़े भी उतरवा दिए गए। कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थियों के कलावा और धागा भी काटे गए।
जिले के पांचों केंद्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा कराई गई। प्रत्येक केंद्र पर महिला पुलिस के साथ ही अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी लगाया गया था। कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। दोनों पालियों में तकरीबन 47 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है। - मधुसूदन हुल्गी, डीएम