जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लू का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, तेज बुखार, चक्कर और कमजोरी से पीड़ित 15 मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
सुबह से लेकर देर शाम तक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लग रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को हो रही है।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने बताया कि लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप के कारण लोगों में लू लगने और शरीर में पानी की कमी की समस्या बढ़ रही है। अस्पताल में आने वाले मरीजों में उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और तेज बुखार के मामले अधिक हैं।
उन्होंने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में कोल्ड रूम, अतिरिक्त बेड, ओआरएस, ठंडे पेयजल और जरूरी दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
सीएचसी और पीएचसी में भी पहुंच रहे 500 से अधिक मरीज
सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में शनिवार को बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चायल सीएचसी में 123, कनैली में 209, कड़ा में 100, सरायअकिल में 510 और सिराथू में 215 मरीजों की ओपीडी हुई।
वहीं मंझनपुर पीएचसी में 39, मूरतगंज में 310, नेवादा में 135, सरसवां में 145 और चरवा में 84 मरीज पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन मरीजों में करीब 50 प्रतिशत लोग बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और आंखों में जलन जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं।
लू व बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर, अतिरिक्त बेड और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की गई है। लोगों से दोपहर में धूप से बचने, अधिक पानी पीने और तबीयत खराब होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की गई है।-डॉ. संजय कुमार सिंह, सीएमओ
जिला अस्पताल में लू को लेकर बनाया गया कोल्ड रूम। संवाद
जिला अस्पताल में लू को लेकर बनाया गया कोल्ड रूम। संवाद
जिला अस्पताल में लू को लेकर बनाया गया कोल्ड रूम। संवाद