जिले भर के रोजगार सेवकों ने गुरुवार को ब्लॉक मुख्यालय पर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। इस दौरान रोजगार सेवकों ने ब्लॉक मुख्यालय में ताला जड़ दिया। तालाबंदी होने से कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। धरना देने के बाद रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मागों का ज्ञापन खंड विकास अधिकारियों को सौंपा।
पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायत सहायकों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है। संविदा पर नियुक्त 38 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को विनियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने एवं अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को जिले के सभी ब्लॉकों पर एक दिवसीय धरना दिया गया। ब्लॉक पहुंचने के बाद रोजगार सेवकों ने सबसे पहले बीडीओ कार्यालय में तालाबंदी की। इसके बाद धरने पर बैठकर मांगों को लेकर विचार-विमर्श किया। दोपहर बाद रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा।
सौंपे गए ज्ञापन में 14वें वित्त आयोग योजनान्तर्गत प्रस्तावित पंचायत सहायकों की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने व इस पद के लिए निर्धारित कार्य में ग्राम रोजगार सेवकों से योगदान लेने, रिक्त पदों पर ग्राम रोजगार सेवकों को समायोजित किया जाने सहित नौ सूत्रीय मांगों को रखा। ज्ञापन देने वालों में मंझनपुर में इंद्रजीत, रामअभिलाष, मुशरीन फात्मा, अरविंद कुमार, अवधेश कुमार, नेवादा में सतसत ओझा, मो. खुर्शीद, ज्ञानेंद्र सिंह, शिमला देवी, सुभ्रा देवी, कौशल कुमार, संदीप कुमार, रोहित सिंह, रिंकू, कमल, कौशाम्बी ब्लॉक में महेंद्र कुमार द्विवेदी, अरुण कुमार, मनोज कुमार सिंह, शशिभूषण, फूल कुमारी, शती देवी, शिवबाबू, महेश मिश्र, अमरेंद्र आदि शामिल रहे।