कौशाम्बी के अन्य हिस्सों के मुकाबले यमुना कछार के लोग मतदान करने में फिसड्डी साबित हुए। बता दें कि जिले का कौशाम्बी और सरसवां ब्लाक के आधे से अधिक गांव यमुना कछार में पड़ते हैं। बृहस्पतिवार को चौथे चरण के तहत इन्हीं दो ब्लाकों में मतदान था। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग हुई। इस दौरान कौशाम्बी के यमुना तराई क्षेत्र में बने बूथों पर तो दिन में किसी भी वक्त भीड़ नहीं नजर आई।
महिला, गुरौली, बेरौंचा, कोसम इनाम, कोसम खिराज, सोधिया, गढ़वा आदि बूथों पर दिनभर सन्नाटा सा ही दिखा। इस दौरान तराई के इलाके में सुबह के दो घंटे तक सिर्फ 3 से 4 फीसदी ही वोट डाले जा सके थे। इसका परिणाम रहा कि कौशाम्बी ब्लाक में तो सिर्फ 51 फीसदी ही मतदान हो सका। वहीं सरसवां क्षेत्र में 58 फीसदी लोग बूथों पर पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान यह भी देखने को मिला कि सरसवां के भी उन बूथों पर कम वोटिंग हुई, तो तराई इलाके में थे। कौशाम्बी ब्लाक में हुआ 51 फीसदी मतदान पंचायत चुनाव के दौरान जिले के किसी भी ब्लाक में हुआ सबसे कम मतदान है।