मतदाता सूची से नाम गायब होने को लेकर बृहस्पतिवार को मतदान के दिन महेवाघाट के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांववालों ने बूथ के सामने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। वोटरलिस्ट में गड़बड़ी को लेकर ऐसा ही आक्रोश सोधिया, पश्चिमशरीरा, बेरौंचा, गुरौली, मोहद्दीनपुर, अंधावा समेत दर्जन भर अन्य बूथों पर भी देखने को मिला। सूची में गड़बड़ी को लेकर हंगामा कर रहे लोगों को मतदान केंद्र के समीप से हटाने के लिए अफसरों को पुलिस का सहारा लेना पड़ा।
पंचायत चुनाव के चौथे चरण के तहत बृहस्पतिवार को कौशाम्बी और सरसवां ब्लाक के 404 बूथों पर मतदान था। सुबह 7 बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ वैसे ही ज्यादातर बूथों पर मतदाता सूची से नाम गायब होने को लेकर हंगामा होने लगा। सबसे ज्यादा गुस्सा महेवाघाट के ग्रामीणों ने दिखाया। हुआ यह है कि सुबह करीब 8 बजे गांव के जयराज, केशपाल, रामराज, सावित्री देवी, सुखपति, कमलेश कुमार, अनीता देवी, सुनील कुमार निषाद, रामबरन, अशोक कुमार, कालीचरण, नरेश कुमार, भंवरकली, अजय कुमार, भोलानाथ, लौटन देवी, नथनलाल, लाला आदि मतदान के लिए पहुंचे। सूची में उनका नाम ही नहीं था। यह देख ग्रामीण भड़क गए। बूथ के सामने ही गांववालों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और अन्य अफसरों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। हालांकि दोपहर तक शांत रहे गांववाले अपराह्न तीन बजे फिर से भड़क उठे।
गुस्साए गांववालों ने बूथ के सामने पहुंचकर सड़क पर प्रदर्शन किया। हालांकि अधिकारियों ने प्रधानी के चुनाव से पहले सूची की गड़बड़ी ठीक कराने का भरोसा दिलाकर उन्हें शांत कराया। मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर ऐसा ही गुस्सा सरसवां ब्लाक के पश्चिमशरीरा, अंधावा, लोधन का पुरा, पूरबशरीरा, महांवा, गोराजू, भगवतपुर और कौशाम्बी ब्लाक के सोधिया, गुरौली, महिला, बेरौंचा, मोहद्दीनपुर आदि बूथों पर भी देखने को मिला। सोधिया समेत कई बूथों पर तो आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने के लिए अफसरों को पुलिस का सहारा लेना पड़ा। हंगामा कर रहे ग्रामीणों को सिपाहियों ने डंडा फटकारकर मतदान केंद्र परिसर से दू्र किया।