नामांकन के दौरान गांववालों की भीड़ जुटाकर नारेबाजी करते हुए झंडे-बैनर के साथ मुख्यमार्ग पर जुलूस निकालना जिला पंचायत सदस्य पद के एक प्रत्याशी को भारी पड़ा है। करारी पुलिस ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए प्रत्याशी और उनके 8 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पंचायत चुनाव के तहत जनपद में चौथे चरण में कौशाम्बी और सरसवां ब्लाक क्षेत्र के जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए मतदान होना है। इसके लिए शुक्रवार से नामांकन शुरू हुआ। चौथे चरण के नामांकन के पहले दिन ही करारी क्षेत्र के मोहद्दीपुर गांव निवासी पुष्पेंद्र दिवाकर वार्ड नंबर 24 से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए पर्चा दाखिल करने आ रहे थे।
नामांकन के लिए घर से निकलने पर उन्होंने गांववालों को भी साथ ले लिया। दर्जनों लोग हाथ में झंडा-बैनर लेकर जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए जैसे ही तियरा चौराहे पर पहुंचे। पहले चरण के लिए हो रहे मतदान का जायजा लेने के लिए अफसरों का काफिला वहां पहुंच गया। सड़क पर झंडे-बैनर के साथ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालने को अफसरों ने आचार संहिता का उल्लंघन माना। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसओ करारी को इन सभी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। डीईओ के आदेश पर एसओ करारी ने डीडीसी पद के प्रत्याशी और उनके आठ समर्थकों को हिरासत में लेकर झंडा-बैनर जब्त कर लिया। करीब घंटेभर तक थाने में बैठाए रखने के बाद पुलिस ने सभी को निजी मुचलके पर रिहा तो कर दिया। पर, इन सभी के खिलाफ आचारसंहिता के उल्लंघन की एफआईआर भी दर्ज कर ली है। एसओ राकेश कुमार ने बताया कि आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में पुष्पेंद्र दिवाकर के अलावा छोटू, पवन कुमार, विक्रम कुमार, राजकुमर, बुधई, बड़कू, रामानुज के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।