पंचायत चुनाव के पहले चरण में शुक्रवार को मंझनपुर और मूरतगंज ब्लाक के जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए मतदान कराया गया। मंझनपुर में 57.50 और मूरतगंज में 52 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पिंडरा, अगियौना बूथ पर फर्जी वोटिंग को लेकर हुई मारपीट और झड़प की घटनाओं को छोड़ दें, तो दोनों ब्लाकों में कुल 411 मतदेयस्थलों पर लगभग शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ। इस दौरान कई बूथों पर मतदातासूची में गड़बड़ी को भी लेकर वोटरों में गुस्सा देखने को मिला।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत इस बार निर्वाचन विभाग ने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के लिए पहले चुनाव कराया जा रहा है। चार चरणों में हो रहे चुनाव का शुक्रवार को पहला चरण छिटपुट घटनाओं के बीच संपन्न हो गया। बता दें कि कौशाम्बी में पहले चरण के तहत मंझनपुर और मूरतगंज ब्लाक क्षेत्र के 8 जिला पंचायत सदस्य और 179 क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) पदों के निर्वाचन के लिए डाले गए। दोनों ब्लाक के करीब 2.49 लाख मतदाताओं के लिए कुल 411 बूथ बनाए गए थे।
इन बूथों पर सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे तक चला। मूरतगंज ब्लाक के महगांव समेत कई बूथों पर तो शाम के समय लंबी लाइन लगी होने के कारण आधे घंटे देरी से मतदान समाप्त हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल कुमार सिंह के मुताबिक पहले चरण में मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र में 57.50 और मूरतगंज में कुल 52 फीसदी मतदान हुआ है। बता दें कि मंझनपुर और मूरतगंज ब्लाक क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य की कुल आठ सीटें हैं। इन सीटों पर किस्मत आजमाने कुल 152 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इन सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतदाताओं ने मतपेटिका में बंद कर दिया है। उन्होंने दोनों ब्लाकों में बगैर किसी गड़बड़ी के पहले चरण का मतदान संपन्न होने का दावा किया है।