वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने से खफा ओसा गांव के मतदाताओं का गुस्सा शुक्रवार को मतदान के दिन फूट पड़ा। आक्रोशित वोटरों ने मतदान केन्द्र के सामने ही हंगामा काटना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के प्रदर्शन की भनक लगते ही अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी मंझनपुर और तैनात पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसी तरह मतदातासूची में गड़बड़ी को लेकर महगांव, उजिहिनी खालसा, उमरछा आदि बूथ के भी मतदाताओं ने गुस्सा जताया।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। कई गांवों के लोगों का नाम ही वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया है। मंझनपुर ब्लाक के ओसा गांव के ही 50 से अधिक मतदाताओं का नाम सूची में नहीं है। गांव के रामलाल, समयलाल, सुधीर कुमार, गुरुप्रसाद आदि ने बताया कि इसकी शिकायत अधिकारियों से की थी, लेकिन अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। इधर, मतदान के दिन भी जब इन लोगों का नाम सूची में नहीं दिखा, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह मतदान केन्द्र पर पहुंचे ग्रामीण बूथ के सामने ही खड़े होकर हंगामा करने लगे। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन की सूचना से अफसरों के हाथ-पैर फूल गए।
मौके पर पहुंचे एसडीएम मंझनपुर नरेंद्र बहादुर सिंह ने लोगों को प्रधान पद के चुनाव से पहले सूची की गड़बड़ी ठीक कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान करीब घंटे भर मतदान कार्य प्रभावित रहा। नाराज लोगों के घर जाने के बाद मतदान शुरु कराकर अफसरों ने राहत की सांस ली। इसी तरह की गड़बड़ी मूरतगंज ब्लाक के महगांव, उजिहिनी खालसा, उमरछा आदि बूथों पर भी देखने को मिली। सूची में महगांव की तरन्नुम, मोहम्मद अजमिन, सफकत उल्ला, एजाज अहमद, मुख्तार अहमद, उमरछा गांव के प्रदीप कुमार, रमेश यादव, अरविंद कुमार, उर्मिला देवी, नीता देवी आदि का नाम गायब था। इससे ये लोग बूथ पर आने के बाद भी वोट डालने से वंचित रह गए। मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने मतदाता सूची में हुई गड़बड़ी की जांच कराने और सूची को दुरुस्त कराने की बात कही है।