क्षेत्र के सुरसेनी गांव में भारी फोर्स के साथ गांव पहुंचकर एसडीएम ने पंचायत चुनाव की मतदाता सूची का सत्यापन कराया। इस दौरान राजस्वकर्मियों ने घर-घर जाकर एक-एक व्यक्ति की सच्चाई खंगाली। एसडीएम ने बताया कि सूची में जितने भी नाम फर्जी मिले हैं, उन्हें हटाकर वोटरलिस्ट दुरूस्त कराई जा रही है। उधर, सूची के सत्यापन के दौरान भी गांव में तनातनी बनी हुई थी।
नेवादा ब्लाक का सुरसेनी गांव पंचायत (प्रधान) चुनाव के लिए जिले के कुछ अतिसंवेदनशील इलाके में से एक हैं। यहां प्रधान पद के संभावित दो उम्मीदवारों के बीच वर्चस्व की लड़ाई है। दोनों संभावित प्रत्याशियों ने किसी भी सूरत में जीत हासिल करने के लिए सूची में भी खेल कराया है। इतना ही नहीं दोनों ने एक दूसरे पर मतदाता सूची में फर्जी वोटरों का नाम शामिल कराने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत 8 अगस्त 2015 को राज्य निर्वाचन आयोग के साथ ही उच्चाधिकारियों से की थी। निर्वाचन आयोग के आदेश पर रविवार को एसडीएम चायल अश्विनी कुमार श्रीवास्तव, सीओ चायल जर्नादन प्रसाद तिवारी कई थानों की फोर्स और राजस्वकर्मियों को लेकर गांव पहुंचे।
गांव के बाहर स्कूल में कैंप लगाकर ग्रामीणों के सामने उन्होंने सूची को पढ़कर सुनाया। इसके बाद गांववालों से सूची में शामिल नामों की तहकीकात कराई। फिर राजस्वकर्मियों के साथ खुद अफसरों ने घर-घर दस्तक देकर सूची में दर्ज एक-एक नामों की हकीकत जांची। एसडीएम अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सूची के सत्यापन का काम चल रहा है। जितने भी फर्जी नाम वोटरलिस्ट में मिले हैं। उन्हें काटकर छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में दर्ज कराया जाएगा। बता दें कि 4000 की आबादी वाले सुरसेनी गांव में कुल 1713 वोटर हैं।
पंचायत चुनाव के लिए तैयार की गई मतदाता सूची के सत्यापन के दौरन रविवार को नेवादा ब्लाक का सुरसेनी गांव छावनी में तब्दील रहा। बता दें कि इस गांव के रहने वाले दो परिवारों के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। इतना ही नहीं प्रधान पद के लिए इन दोनों परिवार के एक-एक व्यक्ति संभावित उम्मीदवार भी हैं। दोनों परिवारों ने एक दूसरे पर मतदाता सूची में बाहरी गांवों के व्यक्तियों, रिश्तेदारों का नाम शामिल कराने का आरोप भी लगाया था। यही नहीं दो दिन पहले इनके बीच जमकर मारपीट हो चुकी थी। दोनों रसूखदार परिवारों के पंचायत चुनाव के मैदान में उतरने और वर्चस्व के लिए आमने-सामने होने को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। दो दिन पहले इनके बीच हो चुकी मारपीट के बाद प्रशासन की भी नजर इस अतिसंवेदनशील गांव पर है। यही कारण है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत पर रविवार को जब एसडीएम, सीओ सत्यापन के लिए गांव पहुंचे, तो तनातनी के मद्देनजर गांव में पिपरी, चरवा, सरायअकिल के थानेदारों को मयफोर्स बुला लिया गया था।