अपर सत्र न्यायाधीश अनुराग कुरील ने आरोपी पंचम लाल पाल को हत्या की कोशिश व चोट पहुंचाने के दो मामलों में बरी कर दिया है। उसे विरोधाभासी बयान में संदेह का लाभ मिला। यह मामला पांच वर्ष पुराना और मऊ थाना क्षेत्र से जुड़ा है।इस मामले में आरोप था कि कौशांबी जनपद के पाली निवासी चाचा मुन्नू उर्फ जकेल और चचेरे भाई रमेश पाल पर 30 अप्रैल 2021 को पंचम पाल ने नशे में धारदार हथियार से हमला किया था। हमले में रमेश पाल को गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 286, 307 और आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस ने जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था। सुनवाई में न्यायाधीश ने पक्ष और विपक्ष की दलीलें सुनीं। इस दौरान अदालत ने गवाहों के बयानों में भिन्नता पाई। बरामद हथियारों की फोरेंसिक रिपोर्ट अभियोजन के दावों का समर्थन नहीं कर पाई। अदालत को आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्य उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं मिला। नतीजतन, उसे दोनों मामलों में बरी कर दिया गया। अदालत ने पंचम लाल को सात दिन में 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बांड और उसी राशि की एक जमानत पर रिहाई का आदेश दिया।