Oxygen plant of Deputy CM's home area turned out to be
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के गृह नगर सिराथू में 70 लाख की लागत से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट शोपीस बनकर रह गया है। जल्दबाजी में 13 अगस्त को तकनीकी काम पूरा किए बगैर ही डिप्टी सीएम से प्लांट का लोकार्पण करा दिया गया। लेकिन डेढ़ माह बाद भी प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू नहीं हो सका। अस्पताल में आज भी सिलिंडर के जरिए ही ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।
कोरोना काल में ऑक्सीजन की घोर किल्लत होने से देश में हाहाकार मचा था। इसी को देखते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने अपने गृहनगर की सीएचसी सिराथू में 70 लाख की लागत से ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराई। काम जल्दी पूरा करने का दबाव पड़ा तो कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने 13 अगस्त को आधे-अधूरे प्लांट का ही डिप्टी सीएम से लोकार्पण भी करा दिया।
इस दौरान प्लांट में नियमित ऑक्सीजन उत्पादन होने का दावा भी किया गया था। लेकिन लोकार्पण के डेढ़ माह से अधिक समय गुजरने के बावजूद प्लांट से गैस का उत्पादन नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि काम पूरा किए बगैर है कार्यदायी संस्था के ठेकेदार लोकार्पण के बाद ही अपना समान बटोरकर खिसक गया। मौके से लोकार्पण का शिलापट्ट भी गायब हो गया है।
जेनरेटर के अभाव में रुका गैस का उत्पादन
जेनरेटर के अभाव में प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन संभव नहीं हो पा रहा है। जानकारों का कहना है कि ऑक्सीजन उत्पादन के लिए 24 घंटे बिजली का होना जरूरी है। इसके अभाव में ऑक्सीजन का उत्पादन संभव ही नहीं है। कस्बे में बदहाल बिजली आपूर्ति किसी से छिपी नहीं है।
लोक निर्माण विभाग ने अपने हिस्से का काम पूरा किया : एक्सईन
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हरवंश सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने हिस्से का काम पूरा करा दिया है। जेनरेटर की व्यवस्था करना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में जेनरेटर के अभाव में प्लांट नहीं चलने से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
शासन से नहीं मिला जेनरेटर: सीएमओ
सीएमओ डॉ. केसी राय का कहना है कि प्लांट संचालन के लिए शासन से जेनरेटर नहीं मिला है। सिलिंडर से मरीजों की जरूरत पूरी की जा रही है। कभी इमरजेंसी पड़ी तो उस समय हालत के हिसाब से कदम उठाए जाएंगे।