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उलझता जा रहा ओवरलोडिंग का तिलिस्म

Sun, 22 May 2016 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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आखिर वो कौन है, जिससे सब डरते हैं। जो सब पर हावी है। जिसने सबको अपने शिकंजे में ले रखा है। जिसके शिकंजे में फंसे परिवहन विभाग के अफसर छटपटा रहे हैं। अफसर कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। ओवरलोडिंग के तिलिस्म का ओर छोर नहीं दिख रहा है। पर भारी वाहनों के इंट्री की शिकायत शासन से क्या हुई कि इसके बाद से इसके राज की गहरी परतें खुलती जा रही हैं। मामले में खनिज विभाग भी कम जिम्मेदार नहीं है। खनिज विभाग की कारस्तानी परिवहन विभाग झेलने को मजबूर है। मामले में परिवहन विभाग के अफसरों की टीस बहुत गहरी है। ट्रकों की इंट्री की शिकायत को लेकर आरोपों के घेरे में आए परिवहन विभाग के अफसर सीधे भले ही कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं पर उनकी मानें तो ओवलोडिंग के लिए पूरा जिला सपोर्ट करता है। कार्रवाई पर शासन तक हड़कंप मच जाता है।
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मोटर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीएन गुप्ता द्वारा प्रमुख सचिव परिवहन से की गई शिकायत जिले के अफसरों के गले की फांस बनती जा रही है। आरोप है कि जिले के एआरटीओ प्रवर्तन ने इंट्री के नाम पर वसूली कर वाहनों को ओवर लोड परिवहन की पूरी छूट रखी है। जांच जिले में आई तो हड़कंप मच गया है। अंदर खाने में चर्चा है कि परिवहन विभाग अगर ओवरलोडिंग पर सख्ती करता है तो फिर अफसरों की नौकरी पर बन आती है। परिवहन विभाग के सूत्रों की मानें तो ओवरलोडिंग के लिए खनिज विभाग जिम्मेदार है। खनिज विभाग की लापरवाही से यमुना के घाटों से बालू की निकासी की जाती है। सड़कों पर बालू लदे ओवरलोड ट्रक चलते हैं। इन ट्रकों को पकड़ने पर परिवहन विभाग के अफसरों की शामत आ जाती है।

ऐसे में परिवहन अधिकारी न तो ओवर लोड वाहनों की इंट्री की बात स्वीकार कर पा रहे हैं और न ही ओवरलोड बालू लादकर फर्राटा भर रहे वाहनों पर शिकंजा ही कस पा रहे हैं। मामले में परिवहन विभाग के एक उच्चाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने दबी जुबान से बताया कि जिले में सिर्फ बालू लदे वाहन ही ओवर लोड चल रहे हैं। पिछले दिनों ऐसे चार वाहनों पर करारी थाने में कार्रवाई की गई तो हड़कंप मच गया था। इसके बाद से इतना अधिक दबाव है कि परिवहन विभाग इन वाहनों की तरफ देख भी नहीं रहा है। ऐसे में यह तो साफ हो गया है कि दोआबा में ओवरलोड वाहनों के परिवहन पर प्रतिबंध नहीं लग सकता। इस स्थिति में प्रमुख सचिव परिवहन को क्या जवाब भेजा जाएगा इसे लेकर परिवहन अफसर की नींद हराम है।
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दोआबा में एक भी वाहन को इंट्री नहीं दी गई। प्रमुख सचिव परिवहन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट सोमवार तक भेज दी जाएगी। जिले में बगैर रवन्ने के खनन और परिवहन हो रहा है। इसे कराने वालों को रोकने की हिम्मत किसी की नहीं है। ये सब जानते हैं। चार ट्रकों पर कार्रवाई से शासन तक हड़कंप मच गया था।
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पीके सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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