विकास खंड सिराथू का चक बिजलीपुर गांव शुक्रवार को पूर्ण ओडीएफ घोषित हो गया। ग्रामीणों ने घरों में शौचालय बनवाकर उसका प्रयोग शुरू कर दिया। रिपोर्ट डीएम को मिली तो वह गांव पहुंचे। शौचालयों का प्रयोग और सफाई व्यवस्था देख उन्होंने बच्चों के साथ गौरव यात्रा निकाली। इसके बाद सीएलटीएस टीम अध्यक्ष समेत प्रधान और सेक्रेटरी की पीठ थपथपाई।
चकबिजलीपुर गांव को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए सीएलटीएस टीम 26 दिन से लगातार मेहनत कर रही थी। डीएम के निर्देश और डीपीआरओ की देखरेख में टीम अध्यक्ष कमलाकांत मिश्र, ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और टीम सदस्यों के साथ ग्रामीणों को खुले में शौच से होने वाली हानि और शौचालय के लाभ की लगातार जानकारी दी। 26 दिन की कड़ी मेहनत का नतीजा रहा कि गांव में रहने वाले सभी 153 परिवारों ने अपने-अपने घरों में शौचालय बनवा कर उपयोग शुरू कर दिया।
टीम ने यह रिपोर्ट जरिए डीपीआरओ डीएम को दी। डीएम ने इसकी जांच कराई तो गांव पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त मिला। शुक्रवार को डीएम अखंड प्रताप सिंह चकबिजलीपुर गांव को ओडीएफ का प्रमाणपत्र देने के लिए पहुंचे। उन्होंने गांव के बच्चों के साथ पहले गौरव यात्रा निकाली। इसके बाद टीम अध्यक्ष कमलाकांत मिश्र, प्रधान मुस्तरी बानो, सेक्रेटरी विष्णु पांडेय को सफलता की बधाई दी। गांव में डीएम के साथ सीडीओ ओम प्रकाश आर्य, डीपीआरओ आरपी मिश्र, डीडीओ महेंद्र पांडेय, एसडीएम सिराथू विवेक चतुर्वेदी, डीपीओ राकेश मिश्र और बीडीओ सिराथू मौजूद रहे। गांव के पूर्ण ओडीएफ होने पर अफसरों ने खुशी जाहिर की। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकाें के साथ सिराथू प्रधान संघ के अध्यक्ष लवकुश चौरसिया, प्रधानपति शहजादे, नूरूल इस्लाम, हमीद, लल्लू सिंह, राजेश कुमार, जगदीश दिवाकर, परवेज, नफीस अहमद, धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।