डायरिया और दस्त बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। लोग इसकी अनदेखी किए बगैर अपने बच्चों को फौरन ओआरएस घोल और जिंक की गोली देना शुरू करें और नजदीकी स्वास्थ्य में ले जाकर इलाज कराएं। यह बातें डीएम अखंड प्रताप सिंह ने शुक्रवार को मंझनपुर चौराहे पर दस्त एवं डायरिया पखवारा का उद्घाटन करते समय कही।
बारिश के मौसम में फैल रहे डायरिया और दस्त की बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता पखवारे का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत शुक्रवार को मंझनपुर चौराहे से की गई। जागरूकता पखवारे का उद्घाटन करते हुए डीएम अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि दस्त और डायरिया बच्चों के लिए खतरनाक बीमारी है। इसकी चपेट में आने किसी के भी बच्चे की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि बीमारी से शरीर के पोषक तत्व बाहर हो जाते हैं।
इससे बच्चों की मौत भी हो सकती है। ऐसे में लोगों को बीमारी से जागरूक रहने की जरूरत है। इस मौके पर उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. यू.बी. सिंह को निर्देशित किया कि सभी सीएचसी, पीएचसी पर ओआरएस घोल के पैकेट तथा जिंक टैबलेट की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध सुनिश्चित बनाए रखें। आशा और एएनएम के द्वारा घर-घर ओआरएस घोल पैकेट तथा जिंक टैबलेट का वितरण करा दें। जिससे लोग डायरिया और दस्त जैसी बीमारी के दौरान घर से ही इलाज शुरू कर सकें। उद्घाटन के मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक सत्य प्रकाश, डीसीपीएम संजय कुमार, स्वास्थ्य विभाग की आशा, एएनएम व अन्य अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।