आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में कुर्की प्रक्रिया कार्रवाई का आदेश जारी होने पर मंगलवार को भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक जायसवाल की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जहां से उन्हें 20 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी गई।
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2022 में विधान सभा चुनाव के दौरान एफएसटी टीम के मजिस्ट्रेट 25 जनवरी को कोखराज थाना में तहरीर देकर बताया कि सिराथू विधानसभा सीट के प्रत्याशी केशव प्रसाद मौर्य के चुनाव में उनका फोटो लगा कैलेंडर अनीता त्रिपाठी कोखराज क्षेत्र में पाल डेयरी के समीप बांट रही थीं। साथ ही बिना अनुमति के चुनावी जनसभा कर रही थीं। उनके साथ कई अन्य लोग भी मौजूद थे।
मामले में पुलिस ने उस वक्त अनीता त्रिपाठी के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे का विचारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में किया गया। मुकदमे में अनीता त्रिपाठी न्यायालय में हाजिर नहीं हुईं। नतीजतन कोर्ट के आदेश पर एनबीडब्ल्यू(गैर जमानती वारंट) जारी किया गया। इसके बावजूद स्थिति जस की तस रही।
पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। तब अदालत ने कुर्की प्रक्रिया की कार्रवाई किए जाने का आदेश जारी किया। इसकी जानकारी पूर्व जिलाध्यक्ष को हुई तो उन्होंने न्यायालय में मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी।