दो परीक्षाएं करा चुके विद्यालय ही बन सकेंगे परीक्षा केंद्र
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए केंद्रों निर्धारण को लेकर बोर्ड गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2024 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण को लेकर बोर्ड गंभीर है। दागी विद्यालय पुनः केंद्र न बन जाएं, इसके लिए सावधानी बरती जा रही है। मान्यता प्राप्त करने के बाद जो विद्यालय बोर्ड की कम से कम दो परीक्षाएं करा चुके होंगे, वही केंद्र बनने के लिए अर्ह होंगे। इस शर्त से राजकीय विद्यालय को छूट रहेगी।
मुख्य मार्ग अथवा संपर्क मार्ग से जुड़े होने के साथ ही कम से कम दस फिट चौड़ी सड़क वाले विद्यालय को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। जिससे केंद्र तक आसानी से पहुंचा जा सके। राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय को इस शर्त से छूट दी गई है। परीक्षा केंद्र पर पानी, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, अग्निशमन के संसाधन होने अनिवार्य हैं। परीक्षा केंद्र के कक्षों की खिड़कियों में स्टील एवं लोहे की जाली लगना अनिवार्य होगा। विद्यालयों के चारों ओर सुरक्षित चहारदीवारी एवं मुख्य प्रवेश द्वार पर लोहे के गेट लगने के साथ ही स्थाई विद्युत व्यवस्था अनिवार्य है। बिजली व्यवस्था के अलावा जनरेटर एवं इनवर्टर की भी व्यवस्था होनी अनिवार्य है। विद्यालय में एक संपूर्ण कंप्यूटर सिस्टम एवं दो दक्ष कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था होनी चाहिए।
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वर्जन
केंद्रों पर इन सुविधाओं के उपलब्ध होने के बाद ही नकलविहीन पारदर्शी परीक्षा कराने में मदद मिलेगी। जिन परीक्षा केंद्रों पर आधारभूत सुविधाओं में कमी मिलेगी उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। सच्चिदानंद यादव-डीआईओएस