केंद्र सरकार की अति महात्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना जिले में धड़ाम नजर आ रही है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते गरीब परिवारों को योजना का मुकम्मल लाभ नहीं मिल पा रहा है। योजना के तहत 36 दिन में महज 50 मरीजों का ही इलाज हो सका है। अस्पताल के जिम्मेदार किसी न किसी बहाने मरीजों को बैरंग लौटा दे रहे हैं। किसी का नाम सूची में गलत है तो कुछ ऐसे हैं जिनका नाम ही पात्रता सूची में नहीं शामिल है।
गरीब परिवारों को मुफ्त में बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का संचालन किया है। योजना के तहत जिले के 1,16,160 गरीब परिवारों का चयन किया गया है। इन्हें गोल्डेन कार्ड वितरित कर पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराने की व्यवस्था है। इसके लिए यहां के संयुक्त जिला चिकित्सालय समेत चार सरकारी एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त पांच निजी नर्सिंग होम सहित नौ अस्पतालों को अधिकृत किया गया है। 17 अक्तूबर 2018 से जिले में योजना की आपैचारिक शुरूआत हो गई है। पर, अब तक महज एक हजार लोगों को ही गोल्डेन कार्ड मुहैया कराया जा सका है। बाकी लोगों का कार्ड नहीं बन पा रहा है। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो कार्ड बनाते समय आधार और राशन कार्ड की आवश्यकता पड़ती है।
किसी के पास कार्ड नहीं है तो किसी के पास आधार का अभाव। कुछ के नाम ही सूची में गलत मिल रहे हैं। इसके चलते उन्हें गोल्डेन कार्ड जारी करने में दिक्क्त हो रही है। हालांकि, जिला समन्वय अधिकारी आयुष्मान भारत डॉ ओम त्रिपाठी का कहना है कि जिन लोगों के नाम सूची से मिलान नहीं कर रहे हैं। यदि उनके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम मिलान होता है तो उन्हें कार्ड जारी करने का प्रयास किया जाता है। बहरहाल, 36 दिन गुजरने के बावजूद योजना के तहत जिले के सिर्फ 50 लोगों को ही इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में पंजीकरण किया जा सका है। इनमें से 26 लोग योजना से लाभान्वित होकर अस्पताल से वापस घर पहुंच चुके हैं।
सीएचसी सरायअकिल और कनैली में एक भी पंजीकरण नहीं
आयुष्मान भारत योजना के तहत संयुक्त जिला चिकित्सालय, सामुदाियक स्वास्थ्य केंद्र सरायअकिल, कनैली एवं सिराथू के साथ ही पांच प्राइवेट हॉस्पिटल इम्पैनल्ड किए गए हैं। इनमें मंझनपुर का लवकुश हॉस्पिटल, न्यू तेजमती अस्पताल, नव जीवन अस्पताल कशिया, अमीर बानो अस्पताल पूरामुफ्ती एवं संजीवन अस्पताल सरायअकिल शामिल हैं। हैरानी की बात ये है कि इनमें से सीएचसी कनैली व सरायअकिल में अब तक एक भी मरीज को योजना के तहत पंजीकृत नहीं किया जा सका है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि या तो यहां के जिम्मेदार योजना के प्रति बेपरवाह हैं या फिर इन अस्पतालों में योजना में शामिल रोगों के इलाज की सुविधाओं का अभाव है। इसके अलावा संजीवनी और अमीर बानो में तकनीकी कारणों से अभी तक योजना चालू ही नहीं हो सकी है।
अब तक किस अस्पताल में कितनों का हुआ इलाज
अस्पताल पंजीकरण डिस्चार्ज
लवकुश हॉस्पिट मंझनपुर 25 17
न्यू तेजमती मंझनपुर 08 02
संयुक्त जिला चिकित्सालय 09 04
नव जीवन अस्पताल कशिया 07 03
सीएचसी सिराथू 01 00
सीएचसी सरायअकिल 00 00
सीएचसी कनैली 00 00
संजीवन अस्पताल सरायअकिल 00 00
अमीर बानो पूरामुफ्ती 00 00
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कुल नौ अस्पताल 50 26
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नेटवर्क की समस्या के कारण कार्ड बनाने में फिलहाल दिक्कत हो रही है। फिर भी प्रधानमंत्री का पत्र लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर कार्ड बनाकर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
डॉ हिंदमणि-नोडल अफसर, आयुष्मान भारत